मां पूर्णागिरि धाम में भक्तों की आवाजाही का क्रम लगातार बना हुआ है। चिलचिलाती धूप में भी देवी मां का डोला लेकर भक्तों की टोलियां दूर-दराज से नंगे पांव पैदल चलकर मां के दरबार में पहुंच रहे हैं। गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष मेले में आने वाले भक्तों की संख्या काफी कम रही है। नेपाल में भूकंप से तबाही का भी मेले की रौनक पर असर पड़ा है।
उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी के दर्शन को आ रहे हैं। यात्रियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए प्रशासन ने मेला अवधि पांच जून से बढ़ाकर 15 जून तक कर दी है। इन दिनों गर्मी के कारण श्रद्धालु दिन की अपेक्षा सुबह और शाम के वक्त अधिक आवाजाही कर रहे हैं। मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी के मुताबिक गत वर्ष की तुलाना में इस बार कम श्रद्धालु आए। गत वर्ष जहां मेले के 63 दिनों में 15 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आए वहीं इस बार यह आंकड़ा 10 लाख के आसपास रहा होगा। यात्रियों की कम आवक की कई वजह रही हैं। टनकपुर-कासगंज ट्रेन के बंद रहने के अलावा पड़ोसी देश नेपाल में भूकंप से हुई तबाही भी एक बड़ा कारण रहा है।