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तकनीकी मंजूरी के बगैर करा डाला काम

Sat, 30 May 2015 10:53 PM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, चंपावत
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चंपावत विकासखंड के छीनीगोठ गांव में निर्माण के नाम पर लूट का कारनामा सामने आया है। 3.45 लाख रुपये के दो कामों में न तो धन का सही उपयोग हुआ और नहीं इस्टीमेट में सक्षम अधिकारी से तकनीकी स्वीकृति ली गई। जांच रिपोर्ट में ये गड़बड़झाला उजागर हुआ है। दोनों मामलों में 78894 रुपये की वसूली के आदेश दिए हैं।
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छीनीगोठ ग्राम पंचायत में 2012-13 में बीआरजीएफ से दो लाख रुपये की लागत से गुजर बस्ती नाले पर पुलिस निर्माण और शिव मंदिर के पास ईट खंड़जा निर्माण का काम 1.45 लाख से राज्य वित्त से कराया गया। लगातार आवाज उठाने के बाद आखिरकार जांच शुरू हुई। जांच अधिकारी डीआरडीए के सहायक परियोजना निदेशक (एपीडी) केएन तिवारी और सहायक अभियंता एनबी ओली ने मामले की पड़ताल की, तो कई खामियां सामने आईं।

रिपोर्ट के मुताबिक 3.8 मीटर स्पान का पुलिया निर्माण अभी भी अधूरा है। मौके पर कार्य स्थल की माप और माप पुस्तिका (एमबी) में अंतर है। कार्यस्थल पर कार्य का मूल्यांकन 97098 रुपये हैं, जबकि असल खर्च 169986 रुपये किया गया है। जांच टीम ने 72888 रुपये अधिक भुगतान की तस्दीक की है। 210 मीटर लंबे और 3 मीटर चौड़े खड़ंजे में गुणवत्ता की खामी है। जांच के बाद टीम ने निर्माण कार्य का वास्तविक खर्च 136632 रुपये पाया, जबकि वास्तविक खर्च 6006 रुपये ज्यादा 142638 किया गया।
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100 दिन बाद भी नहीं हुई वसूली
चंपावत। दो निर्माण कार्यों में गड़बड़ियों की जांच में पुष्टि के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और प्रतिनिधियों से वसूली नहीं हो सकी है। सीडीओ श्याम सुंदर पांगती ने 18 फरवरी को बीडीओ को पत्र भेज ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और जूनियर इंजीनियर से 78894 रुपये वसूल करने के आदेश दिए थे। पर ये आदेश अभी तक क्रियान्वयन के इंतजार में है। बीडीओ शिल्पी पंत का कहना है कि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और प्रधान से वसूली के लिए 4 मार्च को डीपीआरओ को पत्र भेजा गया है, जबकि डीपीआरओ बीएल रंगीला का कहना है कि इस संबंध में कार्यवाही की जा रही है। जल्द ही वसूली प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
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