पिथौरागढ़ में डीएम कार्यालय के आगे प्रदर्शन करते जाख के ग्रामीण।
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मूनाकोट-जाखपंत-कटियानी मोटर मार्ग की बदहाली से भड़के जाख के ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अब भी उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया तो वह उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
जाखपंत के ग्रामीण सोमवार को प्रधान बबीता पंत के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पूर्व भी वह जनता दरबार में सड़क की बदहाली का मुद्दा उठा चुके हैं। कहा कि उक्त सड़क निर्माण में पूर्व में भी अनियमितता बरती गई। वर्तमान में भी चौड़ीकरण, डामरीकरण और नाली निर्माण के नाम पर धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सड़क की दुर्दशा को पूर्व में भी जनता दरबार में उठा चुके हैं। तब आश्वासन दिया गया था कि 15 दिन के अंतर्गत नाली निर्माण और गड्ढों को भरने का कार्य किया जाएगा।
ग्रामीणों ने कहा कि कृषि भूमि की सुरक्षा को भी दीवारें नहीं लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि सड़क की बदहाली के चलते ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों का यही रवैया रहा तो वह उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। प्रदर्शन करने वालों में लीलाधर पंत, लक्ष्मी दत्त, कलावती देवी, शेर राम, नवीन पंत, अशोक, सुशील पंत, दिनेश पंत, कमान सिंह, फकीर सिंह आदि शामिल रहे।
ग्रामीणों को एडीएम ने आश्वासन दिया
पिथौरागढ़। सड़क की बदहाली को लेकर प्रदर्शन करने के बाद जाखपंत के ग्रामीण जनता दरबार में डीएम के समक्ष गुहार लगाने को पहुंचे। ग्रामीणों के तेवरों को देखते हुए अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल और लोनिवि के अधिशासी अभियंता नवीन जोशी ने उनसे बाहर ही वार्ता की। इस पर एडीएम ने आश्वासन दिया कि मंगलवार को ठेकेदार को बुलाकर मामले में वार्ता की जाएगी। तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।