संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूनेप) के तीस सदस्यीय पैनल में मूल रूप से चंपावत जिले के वुड साइंटिस्ट डा.केके पांडेय भी शामिल होंगे। इंस्टीट्यूट ऑफ वुड साइंस टेक्नोलॉजी बंगलूरू के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा.केके पांडेय 22 से 30 सितंबर तक ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में होने वाली पैनल की बैठक में भाग लेने वाले अकेले भारतीय हैं। यूनेप ने जनवरी 2015 में प्रकाशित ‘एन्वायरमेंटल इफेक्ट्स ऑफ ओजोन डिप्लीशन एंड इट्स इंट्रक्शंस विद क्लाइमेट चेंज 2014 असेसमेंट’ नामक सालाना रिपोर्ट में डा.पांडेय का शोध पत्र प्रकाशित किया था।
डा.पांडेय की स्कूली शिक्षा जीआईसी चंपावत में हुई है। डीएसबी परिसर नैनीताल से उन्होंने भौतिकी में पीजी और पीएचडी की। आणविक स्पेक्ट्रोस्कोपी और काष्ठ तकनीकी के विशेषज्ञ डा.पांडेय वर्तमान में पर्यावरण मंत्रालय के तहत बंगलूरू में साइंटिस्ट हैं।
डा.पांडेय ने बताया कि प्रसिद्ध मॉन्ट्रियल प्रोटोकाल के आर्टिकल छह के अनुसार वर्ष 1988 में ओजोन सचिवालय नैरोबी केन्या के तहत असेसमेंट पैनलों के गठन की प्रक्रिया शुरू हुई। वर्तमान में एन्वारमेंटल इफेक्ट्स असेसमेंट पैनल के अलावा दो और असेसमेंट पैनल ओजोन सचिवालय में कार्यरत हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य ओजोन परत क्षय के पर्यावरण पर प्रभाव, वैज्ञानिक कारणों का आकलन करना है।