लोहाघाट के अभिलेखों की जांच करते जिलाधिकारी।
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जिलाधिकारी ने मीनाबाजार आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया, तो कई खामियां मिली। केंद्र में कई अभिलेख आधे-अधूरे मिले, तो कई रिकार्ड को पेन के बजाय पेंसिल से भरा गया था। केंद्र में एक भी बच्चा नहीं मिला। उन्होंने तहसीलदार को केंद्र के सभी अभिलेख जब्त कर जांच के आदेश दिए।
बुधवार को डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने एकाएक मीनाबाजार आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंच आंगनबाड़ी केंद्र का हालचाल जाना, तो दंग रह गए। एक भी बच्चा केंद्र में नहीं मिला। कार्यकर्त्री लक्ष्मी थापा, सहायिका आशा जोशी ने बताया कि बारिश के कारण केंद्र से अभिभावक बच्चों को ले गए।
उन्होंने बच्चों, गर्भवती, धात्री महिलाओं को दिए जाने वाले टेक होम राशन (टीएचआर) की जानकारी ली। डीएम ने अभिलेखों को पेंसिल से भरे जाने पर नाराजगी जताते हुए सभी अभिलेखों को बॉलपेन से भरने की हिदायत दी। अभिलेखों, बिल बाउचरों को सही तरीके से न रखने, अभिलेखों को पूरा न भरने पर नाराजगी जताते हुए तहसीलदार नीलू चावला को केंद्र के सभी अभिलेखों को जब्त कर जांच के आदेश दिए।
बाद में डीएम ने आदर्श राजकीय प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कमरों में अंधेरा मिलने पर नाराजगी जताई। शिक्षकों की उपस्थित पंजिका का भी निरीक्षण किया। प्रधानाध्यापक प्रमोद कर्नाटक ने विद्यालय में मानकों के अनुरूप शिक्षकों की तैनाती का आग्रह किया।