चंपावत। विधायक हेमेश खर्कवाल और डीएम डा.अहमद इकबाल ने शनिवार करीब 11 बजे जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान लोगों ने चल्थी में तैनात डा.सुरेश कश्यप और अमोड़ी में तैनात डा.जेबी चंद के अस्पतालों से नदारद रहने की शिकायत की। इस पर डीएम ने टनकपुर फोन कर एसडीएम को दोनों डॉक्टरों की तस्दीक करने को कहा। जब राजस्व टीम ने तस्दीक की तो यह दोनों डॉक्टर टनकपुर के निजी अस्पताल में मरीजों को देखते मिले। प्रशासन ने दोनों डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करने की बात कही है।
वहीं, जिला अस्पताल के निरीक्षण में डॉक्टरों की स्थिति ठीकठाक पाई गई। गायिनीकोलॉजिस्ट 22 अगस्त तक सीएल में हैं, जबकि रेडियोलॉजिस्ट को हल्द्वानी संबद्ध किया गया है। मुआयने के बाद बैठक कर दवाओं और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए सभी कदम उठाने के विधायक ने निर्देश दिए। कहा कि अगर जरूरत हुई तो दवाओं की कमी को विधायक निधि से पूरा किया जाएगा।
कहा कि एसडीएम के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं पर नजर रखी जाएगी, इसके लिए उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों के अस्पतालों का निरंतर औचक मुआयना करने की हिदायत दी। एसीएमओ डा.केसी ठाकुर, सीएमएस डा.आरके जोशी ने अस्पताल की दिक्कतों को उठाया। डीएम ने 24 अगस्त को चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक बुलाकर जरूरी निर्णय लेने को कहा।
उधर, टनकपुर में एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने टनकपुर-बनबसा क्षेत्र के चार अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। यहां संयुक्त अस्पताल में दो डॉक्टर गैर हाजिर मिले। बताया गया कि इन गैर हाजिर डॉक्टरों में से एक का स्थानांतरण आदेश आ चुके हैं, जबकि दूसरा डॉक्टर उपार्जित अवकाश (ईएल) में हैं। अलबत्ता ईएल की मंजूरी से संबंधित पत्र नहीं मिला।
जिले में अस्पताल से गैर हाजिर डॉक्टरों की सूचना अब कोई भी व्यक्ति जिला नियंत्रण कक्ष में दे सकेगा। डीएम ने कहा कि अस्पताल की व्यवस्था को पटरी पर लाने के मद्देनजर ये निर्णय लिया गया है। अस्पताल गया व्यक्ति, जन प्रतिनिधि या आम आदमी इसकी जानकारी आपदा के फोन नंबर 1077 या 05965 230819 पर दे सकता है। वहीं मुख्यालय से बाहर दौरे पर गए सीएमओ डा.डीएल शाह के कार्यक्रम की भी पुष्टि की गई। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से बताया गया कि सीएमओ तल्लादेश क्षेत्र के दौरे में हैं। प्रशासन ने मंच थाने के जरिए इस दौरे की पुष्टि कराई।
चंपावत। दिसंबर 2011 से बंद डॉक्टरों के आवास का काम एक सप्ताह में शुरू होगा। शनिवार को विधायक हेमेश खर्कवाल ने डीएम की मौजूदगी में राजकीय निर्माण निगम को ये आदेश दिए। कहा कि दो ब्लॉकों के 8 आवासों का काम हर हाल में एक सप्ताह में शुरू हो जाए। इसके लिए जिला प्लान से धन आवंटित किया जाएगा। काम को तेजी से कराने की हिदायत दी गई।
जिला अस्पताल अक्तूबर 2012 से शुरू तो हुआ, लेकिन अस्पताल के डॉक्टर और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए आवास की व्यवस्था अब तक नहीं कराई जा सकी है। जिला अस्पताल परिसर में डॉक्टर और अन्य मेडिकल स्टाफ की निर्माणाधीन कालोनी का काम 7 वर्ष में भी पूरा नहीं हो सका।
2011 के बाद से काम ठप है और अब भवन का ढांचा जर्जर होने के साथ झाड़ियां भी उग गई है। धन नहीं मिलने से काम में देरी हो रही है। साथ ही लागत भी 401.52 लाख रुपये से बढ़कर 754.22 लाख तक पहुंच गई है। वैसे पिछले साल सितंबर में मंडलायुक्त ने भी दौरा कर जल्द निर्माण के लिए संशोधित इस्टीमेट भेजने के निर्देश दिए थे। तब इस्टीमेट भेजने के बाद काम शुरू नहीं हो सका था।