लोहाघाट (चंपावत)। पिथौरागढ़ जिले के शेराघाट से बब्लू पंडा पुत्र स्व. रमेश चंद्र की बरात पाटी ब्लाॅक के ग्राम पंचायत बालातड़ी के देवाधार गांव में लक्ष्मी देवी पत्नी स्वर्गीय बिशन दत्त भट्ट के घर आई थी। नाचते-झूमते बरात घर से करीब नौ बजे निकली। किसे पता था कि शादी की खुशियां मातम में बदल जाएंगी।
बरातियों को वापस लेकर आ रहा बोलेरो वाहन संख्या यूके04 टीएबी2074 रात करीब दो बजे लोहाघाट-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाघधारा के पास अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। वाहन दुर्घटना में दूल्हे की दीदी, भांजा और जीजा सहित पांच लोगों की मौत हो गई। मृतक सभी लोग दूल्हे के सगे संबंधी बताए जा रहे हैं। बरात में शामिल गौरव पांडेय ने बताया कि वाहन दुर्घटना में दूल्हे की दीदी भावना चौबे, भांजा प्रियांशु चौबे, जीजा प्रकाश चंद्र उनियाल, जीजा के सगे भाई केवल चंद्र उनियाल और प्रकाश की बुआ के लड़के सुरेश नौटियाल की मौत से पूरा परिवार सदमे में है।
दुर्घटना में एक साथ पांच लोगों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। वाहन दुर्घटना में मारी गई भावना के पति सुरेश चौबे दूसरे वाहन से कुछ समय पूर्व ही बरात वाले घर पहुंच गए थे। बता दें कि बरात करीब चार बजे दुल्हन के घर पहुंची थी।
घायल राजेश ने फोन कर दी हादसे की जानकारी
जब बरातियों के वाहन गंगोलीहाट पहुंच रहे थे। तब दूल्हे का भाई पंकज पंडा बरात में गए वाहनों के चालकों से संपर्क कर उनकी लोकेशन पूछ रहा था। इसी दौरान उन्होंने कई बार दुर्घटनाग्रस्त वाहन चालक को फोन किया लेकिन उसका फोन रिसीव नहीं हो रहा था। अन्य लोग भी वाहन में बैठे लोगों के मोबाइल लगा रहे थे, लेकिन किसी का भी फोन रिसीव नहीं हो रहा था। इससे उन्हें कोई अनहोनी की आशंका होने लगी। काफी समय बाद वाहन दुर्घटना में घायल राजेश जोशी ने फोन उठाकर लोगों को वाहन दुर्घटना की जानकारी और दुर्घटनाग्रस्त स्थल की लोकेशन दी। इसके बाद लोग वहां पहुंचे और उन्होंने पुलिस को दुर्घटना की जानकारी दी। तब प्रशासन, पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और चार बजे से राहत और बचाव कार्य शुरू किए।
मासूम चेतन के सर से उठा मां और भाई का साया
वाहन दुर्घटना में शामिल पांच वर्षीय चेतन भी घायल हुआ है। चेतन के साथ वाहन में बैठी उसकी मां भावना और बड़ा भाई प्रियांशु सदा के लिए उसे छोड़ गए। अस्पताल में इस अबोध बालक को देखकर हर किसी को इसकी किस्मत पर दया आ रही थी। घायल को हादसे की जानकारी नहीं थी। वह हादसे की चोट से उबर नहीं पाया था। उसकी आंखें मां और भाई को ढूंढ रही थीं।
प्रशासन की टीम और कई जनप्रतिनिधि पहुंचे
वाहन दुर्घटना के बाद जनप्रतिनिधि और प्रशासन के अधिकारियों ने घायलों का हाल जाना। विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने घटना मारे गए लोगों और घायलों के प्रति गहरा दुख प्रकट किया। उपजिला अस्पताल में घायलों का हाल जानने दायित्वधारी श्याम नारायण पांडेय, पालिकाध्यक्ष गोविंद वर्मा, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, सुभाष बगौली, नवीन मुरारी, निर्मल माहरा, राजू गड़कोटी, एडीएम केएन गोस्वामी, एसडीएम नीतू डांगर, एसडीएम सदर अनुराग आर्य, डीडीएमओ देवेंद्र पटवाल आदि मौजूद रहे।
शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को दो-दो लाख की आर्थिक सहायता दी
एडीएम केएन गोस्वामी ने बताया कि पांचों मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत के तौर पर दो-दो लाख रुपये के चेक दिए गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके घरों को भेजा गया। बता दें कि 10 फरवरी 2025 को पुलहिंडोला के दिल्देधार के पास उचौलीगोठ टनकपुर से आई बरात का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इसमें दो लोगों की मौत हुई थी।
चालक के खिलाफ मामला दर्ज
लोहाघाट थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि दूल्हे के भाई पंकज पंडा ने दुर्घटना को लेकर तहरीर दी है। तहरीर में आरोप लगाया कि चालक ने शराब पी थी, इसके चलते वाहन दुर्घटना हुई है। एसपी अजय गणपति ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
इधर, चिकित्साधीक्षक डॉ. विराज राठी ने बताया कि चालक का मेडिकल परीक्षण कर उसका सैंपल जांच के लिए हल्द्वानी भेजा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उसके नशे में होने की पुष्टि हो पाएगी।
सड़क दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
चंपावत। एनएच पर बाघधारा सड़क दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। एडीएम कृष्णनाथ गोस्वामी ने एसडीएम लोहाघाट को दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने समस्त नागरिकों से पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। इधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सड़क हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने घायलों के समुचित उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग को सभी आवश्यक और हर संभव चिकित्सा सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बरात एक दिवसीय लेकिन वापसी दूसरे दिन
वर्तमान समय में अधिकांश बरातें एक दिवसीय हो रही हैं लेकिन इनके आने और जाने का समय तय नहीं है। बरात देर शाम दुल्हन पक्ष के घर पहुंच रही है और देर रात में विदा हो रही है। ऐसे में कम समय में रीति रिवाज पूरे विधि विधान और समय से कराना आसान नहीं हो होता है।