गुमदेश क्षेत्र की धुरी है पुलहिंडोला। आजादी से पूर्व यहां स्वास्थ्य केंद्र खुला, लेकिन इसके बावजूद लोगों के लिए यह अस्पताल किसी काम का नहीं है। लोग इलाज के लिए डॉक्टर से ज्यादा झाड़फूंक के आसरे हैं। डॉक्टर के छुट्टी पर होने से यहां का काम चौमेल के आयुर्वेदिक डॉक्टर के हवाले है।
चंपावत से करीब 33 किमी दूर पुलहिंडोला के अस्पताल बारिश के बीच अमर उजाला पहुंचा की टीम पहुंची, तो अस्पताल में एक भी मरीज नहीं था। एलोपैथिक डॉक्टर छुट्टी पर थे। 17 किमी दूर चौमेल के आयुर्वेदिक डा. आरके सेन को 23 मई से यहां संबद्ध किया गया। अलबत्ता यहां इलाज के नाम पर कतई सुविधा नहीं है। एक्सरे मशीन तो दूर की बात, खून की जांच तक अस्पताल में नहीं होती। मरीज मामूली इलाज के लिए भी 15 किमी दूर लोहाघाट जाने को मजबूर हैं। संविदा डॉक्टर के होने की वजह से फार्मेसिस्ट अस्पताल के प्रभारी हैं। फार्मेसिस्ट एससी सिंह का कहना है कि मई में 426 और जून में 532 ओपीडी मरीज आए।
वेतन बगैर काम कर रहे डॉक्टर
चंपावत। आजादी से पूर्व के इस अस्पताल की अजब-गजब गाथा है। यहां एक डॉक्टर सहित तीन अस्पताल कर्मी वेतन के बगैर काम कर रहे हैं। इन कर्मियों को सितंबर 2014 के बाद से वेतन नहीं मिला है। एनआरएचएम के आयुर्वेदिक डाक्टर प्रशांत, एनआरएचएम होम्योपैथिक फार्मेसिस्ट अमित रतूड़ी और मल्टी टास्क वर्कर दिनेश राम को वेतन नहीं मिला है। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी महेंद्र सिंह का कहना है कि एनआरएचएम के तहत इन कर्मियों के सेवा विस्तार को हरी झंडी नहीं मिलने से वेतन नहीं मिला है।