जिले में श्रीरीठा साहिब और टनकपुर में बैसाखी उल्लास के साथ मनाई । सिखों ने गुरुद्वारे में सबद कीर्तन कर अरदास की। गुरु के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। दिनभर लंगर लगा।
श्रीरीठा साहिब गुरुद्वारे में दिल्ली, पंजाब तथा केन्या से आए श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में डुबकी लगाने के बाद मत्था टेका तथा सरबद की भलाई के लिए अरदास की। जत्थेदार बाबा श्याम सिंह ने श्रद्धालुओं को गुरुद्वारे के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी दी। बताया कि किस प्रकार गुरुनानक देव जी ने यहां आध्यात्मिक शक्ति के बल पर कड़ुवे रीठे में मिठास पैदा कर दी। मुख्य ग्रंथी लखविंदर सिंह ने अरदास की। केन्या से अवतार सिंह सोहल, रीतम सिंह ने भी भाग लिया।
टनकपुर में ज्ञानी प्रताप सिंह और ज्ञानी सरबजीत सिंह द्वारा अरदास लगवाई गई। आयोजन में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार सुरजीत सिंह, सरदार मनमीत सिंह, सरदार परमजीत सिंह, जसवंत सिंह, बलवंत सिंह, बरियाम सिंह, जसपाल सिंह, त्रिलोक सिंह, हरभजन सिंह, गोलू ने सहयोग दिया। पूर्व चेयरमैन हर्षवर्धन रावत और राज्य आंदोलनकारी धर्मानंद पांडेय ने भी सिखों को बैसाखी की बधाई दी।