पहाड़ की पहली बीयर फैक्ट्री यहां से 45 किलोमीटर दूर सिन्याड़ी में बनकर तैयार है। साल भर में करीब 1.08 लाख लीटर बीयर का यहां उत्पादन होगा। यह फैक्ट्री जल्द ही शुरू होने वाली है। फैक्ट्री को उत्पादन लाइसेंस देने के लिए पत्रावली आबकारी आयुक्त को भेजी गई है।
जिला आबकारी अधिकारी आरएल साह ने बताया कि टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर स्थित सिन्याड़ी गांव में बीयर फैक्ट्री बनाने का काम पूरा कर लिया गया है। गोल्डन फन फूड्स एंड बीयरेज प्राइवेट लिमिटेड नाम की इस फैक्ट्री में बीयर बनाने के प्लांट लग चुका है। फैक्ट्री में नाशपाती, माल्टा, संतरे, नींबू और सेब सहित पहाड़ के अन्य फलों से 1.08 लाख लीटर बीयर का सालाना उत्पादन होगा।
जिलाधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि सिन्याड़ी की बीयर फैक्ट्री के उत्पादन लाइसेंस के लिए आबकारी आयुक्त को पत्र भेजा गया है। लाइसेंस मिलने के बाद सिन्याड़ी में बीयर का उत्पादन शुरू हो जाएगा। बीयर बनाने वाली फैक्ट्री से पहाड़ के फलों की मांग बढ़ेगी, जिससे फल उत्पादकों की आर्थिक स्थिति मेें भी सुधार होगा।
फल उत्पादकों को मिल सकेंगे बेहतर दाम
बीयर फैक्ट्री से क्षेत्र के फल उत्पादकों को भी उम्मीद है। राजेश ओली, रमेश चौड़ाकोटी सहित कई फल उत्पादकों का कहना है कि फैक्ट्री से फलों की मांग बढ़ेगी और उन्हें वाजिब दाम मिलेगा। जिला उद्यान अधिकारी एनके आर्या का कहना है कि जिले में सेब, नाशपाती, सिटरस फलों का बहुतायत में पैदावार होती है, लेकिन मांग कम होने से उत्पादक इस खेती पर ध्यान नहीं दे पाते हैं।