समाधान पोर्टल के जरिए कमल ठाकुर ने शिकायत की और उसका तुरंत ही निस्तारण भी हुआ। रोडवेज की टनकपुर से चंडीगढ़ जाने वाली बस में सवार कमल ने ड्राइवर द्वारा यात्रियों से अभद्रता करने की शिकायत की थी। प्रभारी जिलाधिकारी जेएस राठौर ने बताया कि शिकायत पर ड्राइवर से स्पष्टीकरण मांगने के अलावा चेतावनी भी दी गई।
साथ ही चालक को टनकपुर-चंडीगढ़ रूट से हटा दिया गया। मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की गई समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले की पांच में से चार समस्याओं का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि एक मामला धूरा साधन सहकारी समिति में कार्यरत सचिव प्रकाश सिंह से संबंधित है। बताया गया कि हाईकोर्ट के स्थगनादेश की वजह से उनके स्थानांतरण आदेश पर क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में आपदा के न्यूनीकरण के लिए व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने को कहा गया। आबादी के 10 प्रतिशत युवाओं, पुलिस, होमगार्डस को मय आपदा सामग्री के प्रशिक्षण देने को कहा गया। पशुपालन, कृषि, उद्यान, दुग्ध विभाग से समन्वय बनाकर कृषकों को लाभान्वित करने वाले कार्यक्रम लागू करने के निर्देश दिए। राजस्व उप निरीक्षक की भर्ती को पूरी तरह से निष्पक्षता से करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने को कहा। सीएम ने बंदरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए बंदरबाड़े के प्रस्ताव की भी चर्चा की।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले जानवरों को मारने के लिए नियमों में शिथिलता प्रदान की गई है। सीएम ने ऐसी फसलों को प्राथमिकता देने को कहा, जिन्हें जंगली जानवर कम नष्ट करते हो। वीडियो कांफ्रेंसिंग में सीडीओ श्याम सुंदर पांगती, डीडीओ वीके उपाध्याय, उप प्रभागीय वनाधिकारी एमएस सिरोही, आपदा नियंत्रण अधिकारी मनोज पांडेय, रोडवेज के मंडलीय प्रबंधक अनूप रावत, एआर टीएस राणा आदि मौजूद थे।