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सार्वजनिक माफी को मजबूर करने से भड़के डॉक्टर

Wed, 13 Feb 2019 11:46 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूूराे चंपावत
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प्रांतीय चिकित्सक सेवा संघ की बैठक में चर्चा करते संघ अध्यक्ष डॉ.आरके जोशी और अन्य चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला
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प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस) ने कुछ अस्पताल कर्मियों के आंतरिक विवाद को लेकर कार्रवाई किए जाने के बावजूद सार्वजनिक मंच पर उठाए जाने पर एतराज जताया है। संघ जिलाध्यक्ष डॉ.आरके जोशी की अध्यक्षता और सचिव डॉ.प्रदीप बिष्ट के संचालन में बुधवार को हुई बैठक में लोहाघाट में 12 फरवरी को एक डॉक्टर को सार्वजनिक तौर पर खेद जताने को मजबूर करने की निंदा की गई। 
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कहा गया कि अगर खेद जताना जरूरी था, तो यह कार्यवाही अस्पताल परिसर के कमरे में होनी चाहिए थी, न कि सार्वजनिक तौर पर। इसे लेकर सीएमओ की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए। पीएमएस ने अभद्रता के आरोपी दोनों डॉक्टर पर कार्रवाई के बावजूद मंगलवार को लोहाघाट में कुछ पैरा मेडिकल कर्मियों द्वारा दिए गए धरने पर अंगुली उठाते हुए तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगे जाने की मांग की है। साथ ही लोहाघाट के कुछ कर्मियों द्वारा 11 फरवरी को जिला अस्पताल पहुंच स्टाफ नर्स को धमकाने को भी गंभीर बताया।

आरोप लगाया कि लोहाघाट के पैरा मेडिकल के कई कर्मी चिकित्सकों के प्रति दुराग्रह रख रहे हैं। बैठक में डॉ.कुलदीप यादव, डॉ.एचएस ऐरी, डॉ.वैंकटेश द्विवेदी, डॉ.अमित देवल, डॉ.विवेक सिंह, डॉ.श्वेता खर्कवाल, डॉ.विदुषी शर्मा, डॉ.आभाष सिंह, डॉ.मंजीत सिंह, डॉ.शंशाक अधिकारी आदि मौजूद थे। इस मामले में सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि डॉक्टरों की प्रतिष्ठा की बहाली के लिए जो भी जरूरी होगा, किया जाएगा। मामले की जांच कर पैरा मेडिकल कर्मियों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।  
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यह था विवाद  
चंपावत जिला अस्पताल के दो डॉक्टरों और एक पुरुष स्टाफ नर्स पर लोहाघाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 9 फरवरी की रात अस्पताल स्टाफ के साथ अभद्रता करने का आरोप है। इसे लेकर 12 फरवरी को लोहाघाट के पैरा मेडिकल कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। इन पैरा मेडिकल कर्मियों का आरोप था कि जिला अस्पताल के दो डॉक्टर और एक स्टाफ नर्स ने मरीज के रूप में लोहाघाट अस्पताल पहुंच उनके साथ अभद्रता की। इसी मामले में जिला अस्पताल के आरोपी डॉक्टर और कर्मी को सार्वजनिक रूप से खेद जताना पड़ा था। वहीं चंपावत के सीएमएस ने आरोपियों के वेतन को रोकने की कार्रवाई भी की है।  
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