डेंगू से विचई के युवक दिनेश थापा उर्फ दीवान की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। विभाग की टीम नेे शुक्रवार को मृतक के घर जाकर उसके इलाज की रिपोर्ट के बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही उसके परिजनों और गांव में फीवर से पीड़ित आसपास के लोगों के रक्त की भी जांच की।
डेंगू पीड़ित गरीब परिवार के दिनेश थापा (23) पुत्र बल बहादुर थापा की बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान बरेली के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। वह गुरुग्राम (हरियाणा) में नौकरी करता था और स्वास्थ्य खराब होने पर घर आया था। उसे इलाज के बाद भी नहीं बचाया जा सका।
दिनेश की मौत के बाद जिले का स्वास्थ्य महकमा डेंगू को लेकर हरकत में आया है। शुक्रवार को जिला मुख्यालय से आए आईडीएसपी के सुपरवाइजर राजू गड़कोटी के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने दिनेश उर्फ दीवान के घर जाकर उसके इलाज की रिपोर्ट के बारे में जानकारी जुटाई।
आईडीएसपी सुपरवाइजर ने बताया कि मृतक के परिजनों के अलावा आसपास के बुखार से पीड़ित आधा दर्जन से अधिक से लोगों के रक्त की मलेरिया कार्ड से जांच की गई। किसी में भी डेंगू के लक्षण नहीं मिले हैं। चिकित्सा अधीक्षक डा. एचएस ह्यांकी ने कहा कि डेंगू को लेकर अस्पताल प्रशासन सतर्क है। अस्पताल में आने वाले बुखार पीड़ितों के साथ ही शहर के निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटरों से बुखार पीड़ितों की रिपोर्ट ली जा रही है।