मां पूर्णागिरि धाम में दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्घालुओं की भीड़।
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उत्तर भारत के प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम में मंगलवार को अष्टमी-नवमी पर श्रद्धालुओं का भारी भीड़ पहुंची। उत्तर भारत समेत देश के कोने और पड़ोसी देश नेपाल से आए 60 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। नेपाल के बाबा सिद्धनाथ मंदिर में भी भक्तों की खासी भीड़ रही।
14 मार्च से शुरू हुए पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं की आवाजाही का सिलसिला लगातार बना है। दिन-रात हो रही आवाजाही से क्षेत्र में खासी चहल-पहल है। मंगलवार को अष्टमी और नवमी पर्व एक ही दिन होने से देवी के दर्शन के लिए सोमवार शाम से ही श्रद्धालुओं की आवक बढ़ने लगी थी।
टनकपुर के अलावा बनबसा मेला क्षेत्र में भी रात के वक्त बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने डेरा जमा लिया था, जो तड़के दर्शन के लिए पूर्णागिरि को रवाना हुए। इधर, मुख्य मंदिर क्षेत्र में भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। जगह-जगह बैरिकेडिंग कर भीड़ रोकनी पड़ी। वहीं श्रद्धालुओं को धक्का-मुक्की झेलते हुए दर्शन करने पड़े। पूर्णागिरि दर्शन के उपरांत श्रद्धालुओं के नेपाल स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर जाने से टनकपुर और बनबसा सीमा पर दिनभर रौनक रही।
भीड़ बढ़ने से पानी की समस्या बढ़ी
अष्टमी और नवमी पर मां पूर्णागिरि धाम मेें भीड़ बढ़ने से पानी की समस्या फिर पैदा हुई। जल संस्थान द्वारा मुख्य मंदिर में की गई पेयजल की व्यवस्था भी भीड़ बढ़ने पर धरी रह गई। इधर, मेला क्षेत्र के दुकानदारों द्वारा स्नान एवं शौचालय के लिए दुकानों में डंप किया गया पानी खत्म होने से श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ी।