क्षेत्र में रसोई गैस संकट दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। गैस एजेंसी में प्लांट से सिलेंडर न पहुंचने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। इस माह में मात्र तीन गाड़ियां गैस पहुंच पाई हैं। इसके चलते एजेंसी में करीब 4000 सिलेंडरों का बैकलॉग चल रहा है। गैस का वाहन आने की आस में लोग सुबह चार बजे से ही सिलेंडर भरवाने के लिए गोदाम पहुंच रहे हैं, लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद वह मायूस लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
शनिवार को लोग सुबह से ही एजेंसी में सिलेंडरों को नंबर में लगाकर गैस की गाड़ी आने का इंतजार कर रहे थे। जानकी देवी, सावित्री, लोक सिंह, जमुना दत्त, रेवाधर, भगीरथ राम, सूरज कुमार आदि लोग सुबह सात बजे से खाली सिलेंडर लेकर गैस गोदाम आए, लेकिन कई बार एजेंसी का चक्कर काटने के बावजूद गैस नहीं मिल सकी।
गैस एजेंसी के प्रभारी गणेश लाल साह ने बताया कि अगस्त में अब तक केवल तीन गाड़ियां ही मिल सकी हैं। इससे व्यवस्था बनाने में काफी परेशानी हो रही है। रविवार को गैस सिलेंडर आने पर ग्रामीण क्षेत्रों में वितरण किया जाएगा। सोमवार को गैस एजेंसी में गैस सिलेंडर बांटे जाएंगे। बताया गया कि एजेंसी में रोजाना करीब 270 घरेलू और सात वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की खपत है। बताया कि लोहाघाट, पाटी और बाराकोट विकासखंडों के करीब 32 ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की आपूर्ति की जाती है, लेकिन इस माह ग्रामीण क्षेत्रों में एक दिन भी गैस की आपूर्ति नहीं हो सकी है।