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लगातार गिर रहे मलबे से राष्ट्रीय राजमार्ग पर कदम-कदम पर खतरा, भारतोली में नहीं खुल सकी सड़क

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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वांला के पास मलबा हटाती मशीन। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कदम-कदम में खतरा बना हुआ है। स्वांला और भारतोली में जोखिम सबसे ज्यादा बना हुआ है। शनिवार से बंद राजमार्ग तमाम प्रयासों के बावजूद छठे दिन भी नहीं खोला जा सका। टनकपुर-चंपावत के बीच स्वांला से मलबा हटने से आवाजाही सुचारु हुई। वहीं मार्ग खोले जाने के दौरान पत्थर की चपेट में आने से कंपनी के सुपरवाइजर प्रेम सिंह राणा मामूली रूप से चोटिल हो गए।
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भारतोली में 70 मीटर मलबे को पूरी तरह साफ नहीं किया जा सका है। यहां पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने से न केवल आवाजाही बंद है, बल्कि जोखिम भी बना हुआ है। स्वांला से मलबा हटने के बाद लोहाघाट-चंपावत के बीच आवागमन शुरू होने से बृहस्पतिवार को रोडवेज ने कुल 16 बसों का संचालन किया। इनमें से नौ बसें टनकपुर होते हुए चलाई गईं। इधर चंपावत जिले की चार (खटोली मल्ली-वैला, असलाढ़-पासम, स्यांला-पोथ और बाराकोट-कोठेरा सड़क) ग्रामीण सड़कें भी बंद हैं।
एनएच पर टनकपुर-चंपावत के बीच यहां से 22 किमी दूर स्वांला में बुधवार रात नौ बजे बाद फिर से मलबा आया। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह सवा दस बजे स्वांला में आवाजाही सुचारु हुई, लेकिन फिर सवा 12 बजे मलबा आया। जिसे दो बजे हटाया जा सका। स्वांला में तो बंद सड़क को खोलने में कामयाबी मिली, लेकिन लोहाघाट-पिथौरागढ़ के बीच भारतोली में पहाड़ी से लगातार आ रहे मलबे से 70 मीटर का हिस्सा साफ नहीं हो सका। भारतोली में दोपहर साढ़े तीन बजे 55 मीटर सड़क से मलबा हटा लिया गया था, लेकिन तभी फिर से पहाड़ी से आए मलबे ने सड़क को खोलने के प्रयास विफल कर दिए। शाम को धुंध से भी मलबा साफ करने में दिक्कतें आईं।
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इधर लोहाघाट-टनकपुर सड़क सुचारू होने पर रोडवेज ने नौ बसे (ऋषिकेश, हल्द्वानी और गुरुग्राम के लिए एक, दिल्ली, बरेली, देहरादून के लिए दो-दो) टनकपुर होते हुए चलाईं। देवीधुरा होते हुए दो बसें चलाई गईं। जबकि लोहाघाट डिपो की पांच (बरेली के लिए दो और काशीपुर, दिल्ली, देहरादून के लिए एक-एक) बसें बृहस्पतिवार को टनकपुर से संचालित की गई। एजीएम नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि मुसाफिरों को परेशानी के साथ ही शनिवार से अब तक डिपो को 15 लाख रुपये से अधिक का घाटा हो चुका है।
मलबा आने से कूड़-रीठा में आवाजाही बाधित
पाटी (चंपावत)। पाटी ब्लॉक की कूड़-रीठा सड़क सात सप्ताह से बंद है। यहां बनाए गए अस्थायी पुल के 15 जून को टूट जाने से ग्रामीणों को भारी दुश्वारी हो रही है। अब तक यहां ट्रांसिपमेंट के जरिये आवाजाही और खाद्य सामग्री गांव तक पहुंचाई जा रही थी। लेकिन अब सड़क पर मलबा आने से आवाजाही बाधित हुई है। बीडीसी सदस्य रंजीत सिंह ने अस्थाई पुल को ठीक करने के साथ ही पीएमजीएसवाई की इस सड़क पर स्वीकृत पुल को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग करते हुए डीएम को ज्ञापन भेजा है। (संवाद)
मौसम खुलने पर स्वांला और भारतोली में होगा ड्रोन से सर्वे
चंपावत। एनएच पर भूस्खलन से खतरे की जद में आए स्वांला और भारतोली गांव में जल्द सर्वे होगा। इन दोनों गांवों के 16 परिवारों के मकान खतरे की जद में हैं। उन्हें अन्यत्र शिफ्ट किया गया है। डीएम विनीत तोमर ने कहा कि इन परिवारों को सुरक्षित जगह भेजने की व्यवस्था की गई है। साथ ही किराये में रहने की सूरत में इन परिवारों को किराये की राशि भी दी जाएगी। डीएम ने कहा कि मौसम खुलते ही ड्रोन से सर्वे कराया जाएगा। जबकि भूगर्भ विशेषज्ञ अगले तीन दिन में सर्वे कर लेंगे। इस सर्वे के बाद आगे की सुविधाएं दी जाएगी।

लोहाघाट-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में भारतोली में आए मलबे को हटाती मशीनें। विज्ञप्ति- फोटो : LOHAGHAT

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