किमतोली और दिगालीचौड़ के बीच किए डामरीकरण के उखड़ने की स्थलीय जांच की गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। गाजियाबाद की मैसर्स आरआर एसोसिएट्स की ओर से कराए जा रहे डामरीकरण की गुणवत्ता को लेकर लोनिवि के पूर्व ईई ने ठेकेदार को नोटिस जारी किया था। इस बीच सीडीओ एसएस पांगती ने इस कार्य की जांच के लिए एक समिति गठित की थी, जिसने स्थलीय निरीक्षण किया।
जिला निर्माण सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ओंकार धौनी, लोनिवि के ईई बीआर मिश्रा, अभियंता नीतू सिंह, जेपी विश्वकर्मा ने पाया कि लगभग डेढ़ किमी के लंबे दायरे में डामरीकरण का कार्य उखड़ गया है, इसकी वजह इन स्थानों पर छाया पड़ने एवं जमीन में सीलन होना रहा है। अधिशासी अभियंता का कहना था कि ठेकेदार का भुगतान रोका गया है। ठेकेदार ने इस कार्य को दोबारा करने पर सहमति जताई है। इसके लिए बकायदा उसने विभाग को लिखकर दिया है।