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Champawat News: हाड़ कंपाती ठंड ने नौलों, धारों से प्यास बुझा रहे ग्रामीण

Thu, 27 Nov 2025 11:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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लोहाघाट के इजड़ा गांव में पानी आने का इंतजार करते लोग। स्रोत : स्थानीय
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लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड बाराकोट में सलना-इजड़ा पेयजल योजना पिछले 22 दिनों से ठप पड़ी है। योजना से पानी न आने पर ठंड में ग्रामीणों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जल संस्थान के खिलाफ गहरी नाराजगी जताते हुए जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु न करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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ग्रामीण सुमित माहरा, केदार सिंह का कहना है कि नलों में करीब 22 दिनों से पानी की एक बूंद नहीं टपकी है। योजना से पानी न आने पर ग्राम सभा इजड़ा, चौरा, दैगांव, बसौड़ी, लोहाश्री गांव में गंभीर पेयजल संकट पैदा हो गया है। इससे इन गांवों की करीब दो हजार की आबादी गंभीर पेयजल संकट झेल रही है। ग्रामीण कड़ाके की ठंड में नौलों और धारों से पानी ढोकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जल संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों से पेयजल योजना को ठीक करने की मांग की जा चुकी है। विभाग कोरे आश्वासन देकर ग्रामीणों को टरका रहा है। जल संस्थान अभियंता प्रशांत वर्मा ने बताया कि सलना इजड़ा पेयजल लाइन के पाइपों में रेत घुसी है। एक-दो दिन में पाइप लाइन को ठीक कर पेयजलापूर्ति बहाल कर ली जाएगी।
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कोट
वर्तमान में क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सुबह से ही पानी के लिए संघर्ष करना मजबूर हो गया है। विभाग को टैंकर के माध्यम से पेयजल आपूर्ति क्षेत्र में करानी चाहिए। - लीलांबर पंत, ग्रामीण।

कोटपानी नहीं आने से काफी मुश्किल हो गई है। सोच-समझकर पानी खर्च करना पड़ रहा है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड में पानी भरना सभी के लिए आसान नहीं है। कई लोग तो बीमार भी हो रहे हैं। - दीपक सिंह, ग्रामीण।
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