विधि बांट मापन विभाग की ओर से यहां दुग्ध संघ में बिना मापन लाइसेंस के चल रहे इलेक्ट्रॉनिक पैकिंग मशीनों, संग्रहण टैंकों और मोबाइल एटीएम वैन पर दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। दुग्ध संघ की ओर से कई बार नोटिस दिए जाने के बाद भी मापन का लाइसेंस नहीं बनाए जाने पर मापन विभाग ने अर्थदंड लगाया है। जबकि नए पंजीकरण के शुल्क में रूप में पांच हजार रुपए अतिरिक्त वसूले गए।
विधि बांट मापन विभाग की वरिष्ठ निरीक्षक शांति भंडारी ने बताया कि दुग्ध संघ में लंबे समय से मानकों को ताक में रखकर बिना विभाग का लाइसेंस लिए दूध का विपणन किया जा रहा था। विभाग की ओर से दुग्ध संघ को इस संबंध में कई बार नोटिस भी भेजा गया था। लेकिन संघ की ओर से कोई पहल न किए जाने पर विभाग ने अर्थदंड लगाने की कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि दुग्ध संघ की ओर से दो इलेक्ट्रॉनिक पैकिंग मशीनों के अलावा 10-10 हजार लीटर क्षमता के तीन संग्रहण टैंकों से दूध का व्यापार किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि संघ की ओर से चलाए जा रहे मोबाइल एटीएम वैन के लिए भी मापन विभाग की अनुमति नहीं ली गई थी।
दूसरे दिन 130 तराजू और बांट में लगी मुहर
बांट माप विभाग की ओर से जिला मुख्यालय में लगाए जा रहे तीन दिनी शिविर के दूसरे दिन शुक्रवार को 130 व्यापारियों के तराजू और बांटों का सत्यापन कर मुहर लगाई गई। अब तक 210 व्यापारी अपने बांट और तराजू का सत्यापन करा चुके हैं। इसके अलावा अब तक 225 इलेक्ट्रॉनिक तराजुओं का सत्यापन भी किया जा चुका है। वरिष्ठ निरीक्षक के अनुसार शिविर शनिवार को भी जारी रहेगा।