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जिला अस्पताल में बच्चों के लिए लगेंगे ऑक्सीजन सुविधायुक्त दस बेड

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चंपावत। कोरोना की संभावित तीसरी लहर का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों पर माना जा रहा है। विशेषज्ञों की इस राय के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बचाव की तैयारी तेज कर दी है। चंपावत के जिला अस्पताल में बच्चों के लिए 12 बेड आरक्षित किए जा रहे हैं।
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कोरोना के वार से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए जिला अस्पताल के एक कक्ष में दस बेड लगाए जा रहे हैं। प्रमुख चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी ने बताया कि ये बेड 25 जून तक तैयार कर लिए जाएंगे। ये सभी बेड ऑक्सीजन सुविधा वाले होंगे। इसके अलावा 6 बेड वाले आईसीयू (सघन निगरानी इकाई) में दो बेड बच्चों के लिए आरक्षित किए जाएंगे।
लोहाघाट में आज से सात दिन तक नहीं मिलेगा बच्चों को बेहतर इलाज
चंपावत। लोहाघाट उप जिला अस्पताल में 14 जून से बच्चों को बेहतर इलाज नहीं मिल सकेगा। ये नौबत यहां के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकुश बाठला को प्रशिक्षण पर भेजे जाने से आई है। इस वजह से यहां एक सप्ताह तक बच्चों को उपचार के लिए तरसना पड़ेगा।
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डॉ. बाठला 14 से 19 जून तक श्रीनगर राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षण लेंगे। ये प्रशिक्षण कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर से बचाव के लिए दिया जा रहा है। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि तीसरी संभावित लहर से बच्चों को बचाने के लिए लोहाघाट के अलावा चंपावत जिले के दो अन्य बाल रोग विशेषज्ञों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। चंपावत के डॉ. विवेक सिंह और टनकपुर के डॉ. घनश्याम तिवारी दो से सात अगस्त तक हल्द्वानी के मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षण लेंगे।
आईसीयू में आए सात सीएचओ
चंपावत। जिला अस्पताल के आईसीयू के संचालन के लिए सात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। पीएमएस डॉ. आरके जोशी ने बताया कि मौनपोखरी के सौरभ रावत, नरसिंहडांडा की रितु, चल्थी की किरन, खटोली की दिशा, दियूरी की जिज्ञासा, तरकुली की ममता मनराल और जमराड़ी की भावना जीना ने आईसीयू का काम संभाल लिया है। इससे पूर्व चार एएनएम भी आईसीयू में कार्य योगदान दे चुकी है।
इस सप्ताह शुरू होगा ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट
चंपावत। चंपावत जिले का पहला ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का इंतजार अब खत्म होने को है। प्लांट के ऑक्सीजन उपकरण तो पिछले सप्ताह ही लग गए थे, और अब इन उपकरणों के प्लांट को पाइप लाइन से जोड़ने के लिए दिल्ली से इंजीनियरों की टीम यहां पहुंच चुकी है।
ये काम सोमवार तक पूरा हो जाएगा। पीएमएस डॉ. आरके जोशी का कहना है कि इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद एक दिन का ट्रायल किया जाएगा, और फिर इसे शुरू कर दिया जाएगा। सौ लीटर प्रति मिनट क्षमता वाले जनरेशन प्लांट से 25 मरीजों को पर्याप्त ऑक्सीजन दी जा सकेगी। चंपावत का सबसे बड़ा अस्पताल (जिला अस्पताल) को डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर भी बनाया गया है। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि 66 बेड वाले इस अस्पताल में ऑक्सीजन के लिए 33 जंबो सहित कुल 108 सिलिंडर हैं। लेकिन इन्हें रिफिलिंग के लिए रुद्रपुर भेजा जाता है। जिसमें देरी के साथ असुविधा भी होती है।
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