फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बगवाल से रोकने पर तहसीलदार पर भड़की मंदिर समिति

विज्ञापन
पाटी के तहसीलदार व देवीधुरा मां बाराही मंदिर समिति के बीच विवाद के दौरान गुस्साए लोग। - फोटो : CHAMPAWAT
विज्ञापन
पाटी/देवीधुरा। बगवाल से रोकने की कोशिश करने वाले पाटी के तहसीलदार पर वालिग खाम के प्रतिनिधि व भीमताल के विधायक राम सिंह कैड़ा और मंदिर समिति का पारा चढ़ गया। तहसीलदार सचिन कुमार के प्रयासों के बावजूद बगवाल तो नहीं रुक सकी मगर वे निशाने पर जरूर आ गए। आरोप लगाया कि तहसीलदार ने मंदिर परिसर में जूते से प्रवेश कर अवमानना की और अभद्रता करने के साथ माइक छीन मंदिर समिति का अपमान किया है। मंदिर समिति ने तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग करते हुए डीएम को पत्र भेजा है। इधर तहसीलदार ने आरोपों को गलत बताया है।
विज्ञापन

विवाद की शुरुआत परिक्रमा खत्म होने से कुछ देर पहले एक बगवाली द्वारा नाशपाती का बोरा खोलीखांण मैदान में रखने से हुई। इसे देख तहसीलदार ने तुरंत मंच पर पहुंच माइक से बगवाल नहीं करने को कहा। मगर तब तक बगवाल शुरू हो गई। बगवाल खत्म होने के बाद भी तहसीलदार व मंदिर समिति के बीच कहासुनी हुई। विधायक कैड़ा और मंदिर समिति के अध्यक्ष खीम सिंह लमगड़िया ने कहा कि बगवाल से संबंधित सारी क्रियाकलाप पूरे नियम से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए किए गए। लेकिन तहसीलदार का रवैया कतई ठीक नहीं था। मंदिर समिति ने डीएम को पत्र भेज तहसीलदार का तबादला करने का अनुरोध किया है। इधर तहसीलदार सचिन कुमार का कहना है कि उन्होंने किसी के साथ अभद्रता नहीं की। जो कुछ मंदिर समिति के साथ हुई बैठक में तय था, उसका पालन कराने का प्रयास किया।
कोट
तहसीलदार ने कुछ गलत नहीं किया। उन्होंने सिर्फ वहीं किया, जो बगवाल मेला होने से पहले से मंदिर समिति के साथ हुई बैठक में तय था। मैने पूरे मामले की जानकारी फोन से जिलाधिकारी को दे दी है। मंगलवार को पूरे प्रकरण की रिपोर्ट विधिवत भेज दी जाएगी। - आरसी गौतम, एसडीएम, पाटी।
विज्ञापन

ये लिया गया था निर्णय:
.सिर्फ 45 लोगों को होगी मां बाराही मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति।
.बगवाल के बजाय फर्रे के साथ परिक्रमा की रस्म की जाएगी।
.पांच घंटे देवीधुरा बाजार बंद रखने का निर्णय।
बाजार खुले होते तो कम होती भीड़
पाटी/देवीधुरा। देवीधुरा बगवाल में बीते वर्षों तक न केवल बाहर से आने वाले कारोबारी आते रहे हैं बल्कि बाजार भी खुला रहता था। इस बार सुबह 10 बजे से शाम तीन बजे तक प्रशासन ने बाजार को बंद कराए जाने का आदेश दिया था। मंदिर समिति का कहना है कि ये निर्णय ठीक नहीं था। बाजार बंद होने से देवीधुरा के तमाम कारोबारी मंदिर की ओर आए। जिस कारण भीड़ में कुछ बढ़ोतरी हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें