लोहाघाट(चंपावत)। कोरोना के चलते सुंई बिशुंग के प्रसिद्ध आषाड़ी वायुरथ महोत्सव के अंतिम दिन देवडांगरों ने शस्त्रों के साथ 25 गांवों की परिक्रमा की। इस वर्ष मां भगवती की वायुरथ यात्रा नहीं निकाली गई। लोगों ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए देवडांगरों का आशीर्वाद लिया। सोमवार को चारद्योली के सभी हथियारों को देवडांगरों ने आदित्य महादेव मंदिर में लाया गया। हवन यज्ञ के बाद दूध व पवित्र जल से स्नान कराकर देव डांगरों ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।
मंदिर के पुजारी दिनेश चंद्र चौबे, मदन पुजारी ने पूजा-अर्चना संपन्न कराई। बाद में देवडांगरों को अंगवस्त्र भेंट किए गए। परंपरा का निर्वहन करते हुए मां भगवती के वायुरथ को आदित्य महादेव मंदिर प्रांगण में परिक्रमा कराई गई। देवडांगर पैदल मंदिर से गलचौड़ा, पऊ, चनकांडे, डुंगरी से होते हुए द्यौलागढ़ गए। उसके बाद खैसकांडे होते हुए दुर्गम पहाड़ी को पार करते हुए बीस गांव बिशुंग पहुंचे। बेतालों ने जगह-जगह दूध व चावल की गाल खाई। देव डांगरों के बिशुुंग क्षेत्र में पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने अक्षत-पुष्प की वर्षा कर आशीर्वाद प्राप्त किया। बिशुंग के बुडचौड़ा में देव डांगरों ने स्नान किया। देर रात देवडांगर सुंई के आदित्य महादेव मंदिर पहुंचे, जहां मां भगवती एवं आदित्य महादेव की संयुक्त पूजा-अर्चना व आरती की गई। प्रसाद वितरण व देवडांगरों ने मनोकामना, सुख, शांति, समृद्धि का आशीर्वाद दिया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष श्याम चौबे, प्रधान भुवन चौबे, सचिन जोशी, सुनील चौबे, गौरव डुंगरिया, हयात सिंह माहरा आदि मौजूद थे। संवाद
चामी-चौमेल में नहीं निकली शोभायात्रा, सिर्फ पूजा-अर्चना हुई
लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट ब्लाक के चामी-चौमेल गांव के आषाड़ी मेले में इस बार मां भगवती और मां महाकाली की शोभायात्रा नहीं निकाली गई। देव डांगरों ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर इस परंपरा को निभाया। आयोजन समिति के अध्यक्ष अशोक महर ने बताया कि कारोना महामारी के चलते इस वर्ष महोत्सव स्थगित कर दिया गया था। अलबत्ता परंपरा को कायम रखते हुए देवडांगरों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की। मंदिर में श्रद्धालुओं ने सोशल दूरी व अन्य दिशा-निर्देशों का पालन किया। इस मौके पर कुंदन सिंह, गोविंद सिंह, संजू पाठक, नवीन पाठक, विजय महर आदि मौजूद थे। संवाद
सुंई बिशुंग के वायुरथ महोत्सव में माँ भगवती के डोले को मंदिर की परिक्रमा कराते श्रद्घालु।- फोटो : LOHAGHAT