फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां पूर्णागिरि के दर्शन को आए बदायूं के किशोर की नींद में मौत

Sat, 01 Jun 2019 11:03 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो  टनकपुर (चंपावत)।
विज्ञापन
रविंद्र का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

मां पूर्णागिरि के दर्शन को आए बदायूं के एक किशोर की शनिवार को नींद में मौत हो गई।  पूर्णागिरि धाम की चढ़ाई चढ़ने के दौरान चक्कर आने के बाद किशोर देवी मां के दर्शन को नहीं जा पाया। साथियों के दर्शन कर लौटने पर वह उनके साथ एक धर्मशाला में जाकर सो गया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर किशोर के परिजनों को सूचित कर दिया है। खबर लिखे जाने तक शव का पोस्टमार्टम कराने को परिजनों के पहुंचने की प्रतीक्षा की जा रही थी। 

विज्ञापन


बदायूं जिले के ढाहपुरकलां दातागंज निवासी रविंद्र (16) पुत्र राम अवतार गांव के ही साथी किशोर आनंद और गुड्डू के साथ मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए आया था। शुक्रवार शाम तीनों ट्रेन से टनकपुर पहुंचे और शनिवार सुबह मां पूर्णागिरि के दर्शन को रवाना हुए। बताया गया कि भैरव मंदिर से ऊपर चढ़ाई में टुन्यास के समीप अचानक रविंद्र को चक्कर आने लगा जिस पर उसने टुन्यास स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सा कैंप से दवा ली। आगे जाकर काली मंदिर के समीप फिर उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो वह साथियों को मां के दर्शन के लिए भेजकर काली मंदिर क्षेत्र में ही रुक गया।

साथी दर्शन कर लौटे तो वह उनके साथ धर्मशाला नंबर 24 में आकर सो गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे साथियों ने उसे उठाने प्रयास किया तो वह नहीं उठा। पुलिस की मदद से उसे संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्साधिकारी डॉ. हेमंत शर्मा के मुताबिक मौत की वजह हार्टअटैक हो सकती है। सूचना पर कोतवाल चंद्रमोहन सिंह ने अस्पताल पहुंचकर मृतक के साथियों से घटना के बारे में पूछताछ की। कोतवाल ने बताया कि मृतक किशोर के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। उनके यहां पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। 
विज्ञापन


आठवीं की परीक्षा पास करने के बाद बनाई थी मां पूर्णागिरि के दर्शन की योजना
टनकपुर (चंपावत)। रविंद्र के साथियों ने बताया कि वह पढ़ाई में बहुत तेज था। इस बार आठवीं कक्षा पास पर वह नवीं कक्षा में पहुंचा था। रविंद्र के चार भाई और एक बहन है। आठवीं कक्षा पास करने के बाद से ही रविंद्र ने मां पूर्णागिरि के दर्शन की योजना बनाई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें