जिले में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के तहत स्कूलों में तैनात 68 शिक्षकों की नियुक्ति के बाद ली गई डिग्रियों और उपाधियों की उच्च स्तरीय जांच होगी। अपर निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) सुषमा सिंह ने सभी मुख्य शिक्षाधिकारियों को इस बाबत आदेश जारी किए हैं।
विभाग में अधिकतर शिक्षकों ने पदोन्नति आदि आर्थिक लाभ लेने के लिए नियुक्ति के बाद कई कोर्स किए हैं। उन्होंने अपनी योग्यता बढ़ाने के लिए विभिन्न संस्थानों से उपाधियां और डिग्रियां हासिल की हैं, लेकिन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से इन संस्थानों की पत्राचार उपाधियों, डिग्रियों के फर्जी होने की आशंका में जांच करवाई जा रही है।
इससे पहले मंडलीय अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने जांच समिति गठित की थी। इसके सत्यापन में जिले के 68 शिक्षकों की पत्राचार माध्यम से प्राप्त उपाधियों को संदेहास्पद पाया गया था।
मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्या के मुताबिक संबंधित शिक्षकों ने न तो यूजीसी के निर्धारित प्रारूप में सूचनाएं दीं और न ही विभाग के निर्धारित प्रारूप में। यूजीसी के निर्देश पर इन शिक्षकों की उपाधियों और प्रमाणपत्रों की जांच 15 दिन के भीतर पूरी की जाएगी।