एक सूत्री मांग को लेकर आंदोलित अतिथि शिक्षकों का तहसील में धरना-प्रदर्शन शनिवार को 22वें दिन भी जारी रहा। उन्होंने धरना-प्रदर्शन के साथ ही तहसील परिसर में सफाई अभियान चला लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया।
आंदोलन के कारण छात्रों का भविष्य खराब न हो इसके लिए उन्होंने बोर्ड के विद्यार्थियों को रविवार से धरना स्थल पर ही अतिरिक्त कक्षा लगाने की योजना बनाई है। उन्होंने बोर्ड परीक्षा के छात्र-छात्राओं से धरना स्थल पर आकर पढ़ने की अपील की है।
विभागीय संविदा में समायोजित किए जाने की मांग को लेकर आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों ने शनिवार को संगठन के संरक्षक दीपक बिष्ट के नेतृत्व में तहसील प्रांगण में धरने पर बैठ सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने तहसील परिसर की सफाई कर गंदगी नष्ट की। संगठन के अध्यक्ष रविंद्र सिंह ने कहा कि अपने हित के लिए संघर्ष के साथ वे बच्चों की पढ़ाई के लिए भी चिंतित है। प्रदेश सरकार की हठधर्मिता के चलते वे आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार भले ही उनका हित न सोचे लेकिन वे छात्र-छात्राओं के हित को लेकर चिंतित हैं। रविवार से धरना स्थल पर विशेष कक्षाएं संचालित कर बोर्ड के छात्र-छात्राओं को पढ़ाने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन में दीपक भट्ट, सुनील भट्ट, कुलदीप पंत, नेहा जोशी, नीलम चंद, प्रियंका खर्कवाल, मोमिन, ममता, भारती, अंकिता, मंजू बिष्ट, रीना रानी, रूबी गंगवार, हिमानी पंत, पुष्पा पाठक, रोमा कठायत, राजेंद्र सिंह, लक्ष्मी, मोहन कलौनी आदि शामिल थे।