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रेल सेवा की उम्मीद लेकर टनकपुर पहुंचा इंजन

Thu, 21 Dec 2017 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
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नवनिर्मित बड़ी रेल लाइन का हाई स्पीड ट्रायल करते टनकपुर पहुंचा इंजन। - फोटो : अमर उजाला
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बड़ी रेल लाइन पर नए साल के पहले सप्ताह से रेल सेवा की उम्मीद लेकर बृहस्पतिवार को पीलीभीत से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से रेल का इंजन टनकपुर पहुंचा। लाइन पर स्पीड ट्रायल सफल रहा, लेकिन सिग्नल सिस्टम में अब भी थोड़ी खामियां बताई जा रही है। वहीं, 29 और 30 दिसंबर को रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण तय है। इससे पहले रेलवे विभाग नवनिर्मित बड़ी लाइन का ट्रायल लेकर खामियां दुरुस्त करने में जुटा है।

भोजीपुरा-पीलीभीत-टनकपुर छोटी रेल लाइन को बड़ी रेल लाइन में तब्दील करने का कार्य वर्ष 2015 से शुरू हुआ। प्रथम चरण में भोजीपुरा-पीलीभीत तक बड़ी लाइन का निर्माण कर रेल सेवा शुरू कर दी गई थी। इसके बाद दूसरे चरण में वर्ष 2016 में पीलीभीत से टनकपुर तक बड़ी लाइन निर्माण का कार्य शुरू हुआ। रेलवे विभाग ने काम पूरा होने पर टनकपुर बड़ी लाइन पर पीलीभीत से मझोला तक इस वर्ष मार्च में रेल सेवा शुरू कर दी थी, लेकिन मझोला से टनकपुर तक रेल मार्ग का निर्माण अब पूरा हुआ है। बृहस्पतिवार को पीलीभीत से टनकपुर तक बड़ी लाइन में तेज रफ्तार इंजन दौड़ा कर स्पीड ट्रायल लिया गया। स्टेशन में पटरी पर इंजन दौड़ाकर शंटिंग सिस्टम का भी ट्रायल लिया गया।
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रेलवे के लोको निरीक्षक रमेश सिंह एवं इंजन चालक महेंद्र सिंह ने बताया कि 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल सफल रहा है। लोको निरीक्षक के मुताबिक अब भी सिग्नल सिस्टम में थोड़ी बहुत खामियां है, लेकिन उन्हें संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण से पहले दूर कर लिया जाएगा। उनके मुताबिक निरीक्षण के बाद संरक्षा आयुक्त ने रेल संचालित करने को हरी झंडी दी तो जनवरी के पहले सप्ताह में टनकपुर से बड़ी लाइन रेल सेवा शुरू हो जाएगी। इधर, रेल इंजन की सीटी सुनाई पड़ते ही लोगों की भीड़ रेलवे स्टेशन पर उमड़ पड़ी।
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बोर्डों पर उर्दू में लिखा है स्टेशन का गलत नाम
टनकपुर। बड़ी रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब रेल सेवा शुरू करने की तैयारी है, लेकिन टनकपुर स्टेशन में छोटी-छोटी खामियां अब भी बरकरार है। बताया गया कि प्लेट फार्म पर लगे बोर्ड में हिंदी में तो स्टेशन का नाम टनकपुर सही लिखा, लेकिन उर्दू में यह नाम टनकपुर की बजाय चनकपुर लिखा गया है। यह गलती एक-दो नहीं प्लेटफार्म के हर खंभों पर लगाए बोर्ड में है। ऐसा नहीं कि रेलवे के अधिकारियों को इस गलती के बारे में पता नहीं है, लेकिन अब तक इसे सुधारा नहीं गया है।
 
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