जिले के नरियालगांव के ग्रामीण पशुपालन विभाग के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। ग्रामीणों ने नरियालगांव पशु प्रजनन केंद्र में बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी विरोध में धरना प्रदर्शन जारी रखा। ग्रामीणों ने पशु पालन विभाग के खिलाफ केंद्र में स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं देने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि जब विभाग ने पशु प्रजनन केंद्र खोलने के लिए जमीन मांगी थी, उस समय केंद्र में स्थानीय लोगों को रोजगार देने का करार हुआ था। लेकिन वर्तमान में विभाग की ओर से बाहर के लोगों को नौकरी दी जा रही है।
पशु प्रजनन केंद्र में आउट सोर्सिग से बाहरी लोगों की नियुक्ति के विरोध में नरियालगांव, लमौती, खेतार नरियाल, खेतार उखेड़ा, भगानाभंडारी, द्यायारतोली आदि के ग्रामीणों ने पशु प्रजनन केंद्र के बाहर दूसरे दिन भी धरना दिया। नरियालगांव के ग्राम प्रधान राजू नरियाल का कहना है कि क्षेत्र के लोगों ने पशुपालन विभाग को अपनी उपजाऊ जमीन दी है। लेकिन अब विभाग पूर्व में किए गए करार से हटकर आउट सोर्सिंग से कर्मचारियों की नियुक्ति कर रहा है। जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। विरोध करने और धरना देने वालों में ईश्वरी देवी, दीपा जोशी, त्रिलोकी देवी, माया देवी, पार्वती देवी, बसंत खर्कवाल, नवीन नरियाल, उमेश नरियाल, हेम नरियाल, प्रकाश नरियाल, दिनेश जोशी, उमेश जोशी, हेम जोशी, नवीन जोशी, लालमणि जोशी, प्रकाश जोशी, विनोद राम, गिरीश राम, नारायण दत्त आदि ग्रामीण शामिल रहे।
सहायक निदेशक स्तर से हुई है आठ अनुसेवकों की तैनाती
चंपावत। नरियालगांव पशु प्रजनन केंद्र के प्रभारी डा.एचसी जोशी का कहना है कि केंद्र में आउट सोर्सिंग से नहीं बल्कि सहायक निदेशक कार्यालय स्तर से आठ अनुसेवकों की तैनाती हुई है। इन विभागीय अनुसेवकों की तैनाती उच्च न्यायालय के निर्देश पर सहायक निदेशक स्तर से की गई है।