चंपावत। जिला मुख्यालय से 52 किमी दूर सूखीढांग के सरस्वती शिशु मंदिर में शुक्रवार को नशामुक्ति, पर्यावरण संवर्द्धन गोष्ठी हुई। जिसमें को वनों की रक्षा के लिए जागरूक किया गया। जनकवि और पीएलवी डॉ. प्रकाश जोशी शूल ने कहा : ‘यूं आग न लगाओ पाप ये बड़ा है, वन-बाग न जलाओ पाप ये बड़ा है’। साहित्य चेतना मंच के संयोजक शंकर जोशी अकेला के शब्द थे : ‘वृक्षों से जीवन वृक्षों से जल, महकता रहे वनों से यह आंचल’।
‘कुछ लोग दुनिया में मुस जस हुनौन, जिन जंगल काटन में खुश जस हुनौन’। सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य बसंत उपाध्याय ने यूं कहा : ‘यह विटप कितना सरल है सरस फल देता है हमें, जल सुगंधित पुष्प, शीतल हवा देता है हमें’।
गोष्ठी में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले, अवैध कटान, नशाखोरी के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया गया। पूर्व सैनिक हयात सिंह राना ने अध्यक्षता की। गोष्ठी में मनोज चौड़ाकोटी, राजेंद्र प्रसाद, निकिता राना, रेखा चौड़ाकोटी, मंजू देवी, केशवी देवी, पुष्पा चौड़ाकोटी आदि थे।