चंपावत आदर्श जीआईसी में पढ़ते छात्र।
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जिला मुख्यालय चंपावत के आदर्श जीआईसी में विभाग पर्याप्त शिक्षक नहीं दे पा रहा है। इंटर की कक्षाओं को पढ़ाने के लिए चार महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता नहीं हैं। शिक्षकों को लिपिकीय कामकाज भी निपटाना पड़ रहा है।
जीआईसी में 11 प्रवक्ताओं में से सिर्फ सात हैं। हिंदी, भूगोल, जीव विज्ञान और वाणिज्य के प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। शिक्षक घनश्याम जोशी के सेवानिवृत्त होने के बाद एलटी में भी विज्ञान विषय का पद खाली है। कॉलेज के कार्यालय के लिए कोई कर्मी नहीं है।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और कनिष्ठ सहायक दोनों पद रिक्त हैं। इस जिम्मेदारी को शिक्षक निभा रहे हैं। भूगोल की प्रयोगशाला के हाल भी ठीक नहीं हैं। 2011 में यहां 533 छात्र थे जो अब घटकर 390 रह गए हैं। सीईओ आरसी पुरोहित ने कहा कि रिक्त पदों पर तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों से आग्रह किया जा रहा है।
चार विषयों के रिक्त प्रवक्ताओं के पदों को एलटी शिक्षकों के जरिए पढ़ाया जा रहा है। वहीं एक भी लिपिक नहीं होने से इस काम को भी शिक्षकों द्वारा करने की मजबूरी है। मनोज जोशी, प्रधानाचार्य।
आदर्श जीआईसी में शिक्षकों की कमी से शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। शिक्षकों की तुरंत तैनाती नहीं होने पर आंदोलन की राह अपनाई जाएगी। गोविंद सामंत।
चंपावत जीआईसी को आदर्श दर्जा तो दे दिया लेकिन कॉलेज के आदर्श हालात नहीं बन सके हैं। रिक्त शिक्षकों से लेकर बाबुओं के पदों को भरने के लिए अभिभावकों को साथ लेकर आवाज उठाई जाएगी। उमेश खर्कवाल, बीडीसी सदस्य।