आठ मई को अतिवृष्टि की चपेट में आए बैड़ाओड़ के सेरी तोक का एसडीएम सीएस डोबाल ने अधिकारियों के दौरा किया। उन्होंने अतिवृष्टि से हुई क्षति का जायजा लिया।
एसडीएम ने प्रभावित लोगों को 45 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। इस दौरान गांव की सुरक्षा के उपायों पर चर्चा की गई। एसडीएम ने गांव की सुरक्षा के लिए चैकडाम, सुरक्षा दीवार बनाने के निर्देश देते हुए संबंधित विभागों को कार्य बांटे। एसडीएम का कहना है कि इन कार्यों का स्टीमेट तैयार कर जिलाधिकारी का प्रेषित किया जाएगा। इस दौरान 40 किसानों की उपजाऊ भूमि में मलबा आया है उन्हें प्रत्येक को 1125 रुपये की सहायता दी गई। जिससे काश्तकार अपने खेतों से मलबा हटा सकें।
उन्होंने बद्री राम को दो हजार रुपये की अहैतुक सहायता प्रदान की। अतिवृष्टि में बद्री राम के बर्तन बह गए थे। एसडीएम ने बीडीओ पूरन सिह रावत को निर्देश दिया कि वह सभी अधिकारियों से सामंजस्य बैठाकर समस्त तोकों में होने वाले निर्माण कार्यों की आख्या प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान पातजौली तोक में चैकडाम और नाली निर्माण का कार्य लोनिवि कराएगा। नौलीगेर गधेरे में 150 मीटर चैकडाम का निर्माण मनरेगा के माध्यम से विकासखंड की ओर से किया जाएगा।
झिझाड़ गधेरे में 300 मीटर चैकडाम का निर्माण कृषि और भूमि संरक्षण विभाग लोहाघाट, अति संवेदनशील क्षेत्र झिझाड़ तोक में 80 मीटर चैकडाम का निर्माण सिंचाई विभाग लोहाघाट करेगा। सड़क से नीचे प्रभावित हिस्से में 130 मीटर सुरक्षा दीवार बनाने हेतु खंड विकास अधिकारी को प्रस्ताव बनाकर दैवी आपदा प्रबंधन अधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर तहसीलदार बहादुर सिंह माहरा, सिंचाई विभाग के अभियंता नारायण राम, विश्व बैंक के ईई नरेंद्र कुमार पंत, लोनिवि के ईई बीआर मिश्रा, चंद्रशेखर मुरारी, कृषि एवं भूमि संरक्षण विभाग के विक्रम सिंह, डीपीओ अंशुल कुमार आदि अधिकारी मौजूद थे।