बीते कई दिनों में हुई बारिश से भी इलाके की पेयजल व्यवस्था सुधर नहीं सकी। नलों में पानी एक दिन छोड़कर मिल रहा है और वह भी बमुश्किल 45 मिनट। इसके चलते विभाग हर रोज 1.12 लाख लीटर पेयजल टैंकर और पिकअप से पानी की आपूर्ति करा रहा है।
जल संस्थान के चंपावत डिविजन के अधिशासी अभियंता पीसी करगेती का कहना है कि बारिश का जल स्रोतों में असर नहीं पड़ा है। इस कारण पेयजल आपूर्ति बेहतर नहीं हो पा रही है और नहीं हर रोज पानी देना संभव हो रहा है। पानी संकट को कम करने के लिए लोहाघाट और चंपावत के अभावग्रस्त इलाकों में टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है। लोहाघाट में रोजाना 73 हजार लीटर और चंपावत में 39 हजार लीटर पानी की आपूर्ति टैंकर-पिकअप से की जा रही है।
लगाए गए 11 मांडेक्स हैंडपंप
चंपावत। पेयजल संकट के मद्देनजर जिले में वैकल्पिक उपाय किए जा रहे हैं। 11 मांडेक्स हैंडपंप लगाए गए हैं। जल संस्थान के ईई पीसी करगेती का कहना है कि जबर्दस्त किल्लत वाले इलाकों को चिह्नित कर चंपावत में पांच और लोहाघाट में छह हैंडपंप लगाए गए हैं। इनके जरिए पानी का संकट कुछ कम हो सकेगा।