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छात्र-छात्राओं ने कोतवाली और अस्पताल का घेराव किया

Tue, 12 Sep 2017 10:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
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चंपावत कोतवाली में प्रभारी निरीक्षक का घेराव करते छात्र और अन्य संगठनों के लोग। - फोटो : अमर उजाला
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जिला मुख्यालय में दो दिन पहले किशोरी को पढ़ाने-लिखाने के नाम पर दो साल तक उसका यौन शोषण करने एवं यातनाएं देने के मामले में स्थानीय लोगों के साथ कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने कोतवाली और जिला अस्पताल का घेराव किया। उन्होंने तीनों आरोपियों को शीघ्र पकड़ने की मांग की। दो दिन पूर्व छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाली किशोरी ने पुलिस में बयान दर्ज कराने के बाद घर जाकर परिवार वालों को उसके साथ यौन शोषण की बात बताई।
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मंगलवार को पीड़ित किशोरी के परिचित चंद्रकिशोर बोहरा ने डीएम डॉ. अहमद इकबाल से पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने की शिकायत की। इस पर डीएम ने एसडीएम को किशोरी के बयान लेने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल पहुंचीं एसडीएम ने 164 के तहत पीड़िता के बयान दर्ज किए और डॉक्टरों को किशोरी का मेडिकल परीक्षण करने का निर्देश दिया।

इस बीच आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण पीजी कॉलेज के छात्र भड़क गए। उन्होंने कोतवाली पहुंचकर कोतवाल उत्तम सिंह का घेराव किया। आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को बचा रही है। पीड़ित परिवार को डरा-धमकाकर बयान बदलवाने की कोशिश हो रही है। चंद्रकिशोर बोहरा का कहना था कि रविवार को मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने सोमवार को आरोपियों से मुलाकात तो की लेकिन कार्रवाई नहीं की।
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उन्होंने पुलिस पर सोमवार को पीड़ित परिवार को कोतवाली बुलाकर धमकाने का भी आरोप लगाया। छात्र-छात्राओं ने चेतावनी दी कि बुधवार सुबह तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने की दशा में वह मुख्यालय के सभी स्कूलों को बंद कराएंगे। वहीं कोतवाल उत्तम सिंह का कहना था कि पुलिस नियमानुसार अपना कार्य कर रही है। घेराव करने वालों में विवेक बिष्ट, पूजा खाती, योगेश पुनेठा, हरीश जोशी, आदर्श भट्ट, विजय आदि छात्र-छात्राएं शामिल थे।

यह था मामला
दो दिन पहले चंपावत तहसील निवासी एक व्यक्ति ने तीन लोगों पर उसकी नाबालिग बेटी के साथ खटीमा में अश्लील हरकत और मारपीट करने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। जीरो एफआईआर के तहत दर्ज हुए मामले को पुलिस ने खटीमा कोतवाली में स्थानांतरित कर दिया था।
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