टनकपुर-बागेश्वर और रामनगर-चौखुटिया-ऋषिकेश-कर्णप्रयाग के बीच रेल सेवा की मांग को लेकर रेलपथ निर्माण संघर्ष समिति ने शनिवार को तहसील में सांकेतिक प्रदर्शन कर धरना दिया। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में रेल सेवा के प्रति केंद्र सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाया है।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष गंगागिरि गोस्वामी के नेतृत्व में तहसील पहुंचे कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर पर्वतीय क्षेत्रों को रेल सेवा से जोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र की सत्ता में काबिज रही सरकारों द्वारा समय-समय पर पर्वतीय क्षेत्रों में रेल लाइनों के निर्माण की बात कही जाती रही है और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चुनाव के वक्त पहाड़ी क्षेत्रों को रेल सेवा से जोड़ने का वादा किया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने टनकपुर को देहरादून से रेल सेवा से जोड़ने के साथ ही टनकपुर-बरेली के बीच बड़ी रेल लाइन के निर्माण कार्य में तेजी लाने की भी मांग की है। इस बाबत उन्होंने तहसील के माध्यम से रेल मंत्री को भी ज्ञापन भेजा है। धरना-प्रदर्शन में नेत्रबल्लभ तिवारी, सुरेश तिवारी, सुंदर सिंह, देवेंद्र कुमार सक्सेना, मान सिंह बिष्ट, नारायण दत्त लोहनी, उजैर अहमद अंसारी, तिलक राम, हरीश चंद्र गुप्ता, जगदंबा शर्मा, गिरीश चंद्र भट्ट आदि शामिल थे।