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छीड़ापानी से बनलेख तक सड़क निर्माण पर रोक

Sat, 23 Dec 2017 11:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।  
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सड़क निर्माण के दौरान खाई में मलबा फेकने पर एसडीएम के समक्ष विरोध जताते भाजपाई। - फोटो : अमर उजाला
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टनकपुर से पिथौरागढ़ के बीच बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी कर वनस्पतियों एवं पर्यावरण को नुकसान पहुंचाना सड़क निर्माण करा रही शिवालिक कंपनी को महंगा पड़ा। एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा ने छीड़ापानी से बनलेख के बीच पांच किलोमीटर की दूरी पर एक भी डंपिंग जोन नहीं बनाए जाने के कारण यहां कंपनी के निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है।


शनिवार को स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेता श्यामनारायण पांडेय, पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी, नगर अध्यक्ष कैलाश बोहरा, गिरीश जोशी, योगेश पुनेठा, त्रिलोक गिरि आदि ने छीड़ापानी से बनलेख के बीच बारहमासी सड़क का दौरा किया। इस दौरान क्षेत्र में एक भी डंपिंग जोन नहीं मिलने एवं मानकों को ताख में रखकर मलबे को पेयजल स्रोतों के ऊपर डालने तथा भारी मात्रा में वन संपदा को नुकसान पहुंचाए जाने पर उन्होंने इसकी जानकारी एसडीएम सदर को जानकारी दी। इसके बाद एसडीएम ने स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों की शिकायतों को सही पाया।
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इस पर उन्होंने छीड़ापानी से बनलेख के बीच चल रहे सड़क के निर्माण कार्य पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छीड़ापानी से बनलेख तक पांच किमी की दूरी पर 15 डंपिंग जोन बनाए जाने हैं, लेकिन मौके पर एक भी डंपिंग जोन नहीं पाया गया, जबकि बारहमासी सड़क की डीपीआर में डंपिंग जोन में बेरीकेडिंग बनाना शामिल है। कार्यदायी संस्था की ओर से खाई में सीधे मलबा फेंककर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को कंपनी को डंपिंग जोन चिह्नित कर उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने डंपिंग जोन चिह्नित करने के दौरान क्षेत्र के पेयजल स्रोतों की सुरक्षा का खास ध्यान रखने को कहा।

वन विभाग की ढिलाई आ रही कंपनी के आड़े
चंपावत। टनकपुर से पिथौरागढ़ तक चार कंपनियां बारहमासी सड़क का निर्माण करा रही हैं। चंपावत-टनकपुर के बीच काम कर रही आरजीबी और शिवालिक कंपनी को वन विभाग की ढिलाई से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वन विभाग को मलबा डालने के लिए डंपिंग जोन बनाने के साथ 30 नवंबर तक पेड़ों के कटान का कार्य पूरा करना था, लेकिन अब तक दोनों ही कार्य नहीं किए गए हैं।
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एक हफ्ते में पांच मशीनें हो चुकी हैं सीज
चंपावत। बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान एक हफ्ते में सड़क का निर्माण करा रही की पांच मशीनें सीज हो चुकी हैं। दो दिन पहले खाई में मलबा फेंककर वन संपदा को नुकसान पहुंचाने के मामले में जहां एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने दो डंपर एवं एक जेसीबी सीज कर दी थी। वहीं एक हफ्ते पहले डीएम के निरीक्षण के दौरान खाई में मलबा फेंकने पर आरजीबी कंपनी की एक पोकलैंड एवं एक ग्रेडर को सीज किया गया था।
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