टनकपुर (चंपावत)। उपखनिज भंडारकों के अनियंत्रित, ओवरलोड वाहनों की ज्ञानखेड़ा आमबाग संपर्क मार्ग किनारे आवाजाही के लिए उपखनिज भंडारण वालों को 13 शर्तें माननी होंगी।
ज्ञानखेड़ा आमबाग संपर्क मार्ग किनारे उपखजिन भंडारकों के अनियंत्रित एवं ओवरलोड वाहनों से परेशान ग्रामीणों ने 16 फरवरी को रोक लगा दी थी। इसके बाद 19 फरवरी को एसडीएम हिमांशु कफल्टिया के साथ हुई वार्ता में सशर्त भंडारण करने पर सहमति बनी थी। ग्रामीणों ने भंडारण वाहन स्वामियों के समक्ष 13 शर्तें रखी हैं।
इसमें सुुबह छह बजे से शाम छह बजे तक वाहन चलाने, एक समय में केवल दो ही वाहन चलाने, गांव की सड़क पर लगातार पानी छिड़कने, खनन स्टॉक के चारों ओर पक्की दीवार बनाने, भरे वाहन ज्ञानखेड़ा पंचायत घर से लाने, खाली वाहन आमबाग से भेजने, ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने, वाहनों की अधिकतम गति सीमा 20 किमी प्रति घंटा रखने, खनन प्लॉट पंजीकरण की सूचना सड़क किनारे साइनबोर्ड पर अंकित करने, सड़क से 75 मीटर की दूरी पर खनन भंडारण करने, सड़क पर गड्ढों का भरान करने की शर्त शामिल है।
इन शर्तों की अनदेखी होने पर ग्रामीण पुन: अनशन करेंगे। ज्ञापन में टनकपुर की प्रधान मोहनी चंद, आमबाग मोहनपुर की राधिका चंद, ज्ञानखेड़ा के उपप्रधान दीपक पचौली, बीडीसी सदस्य गीता सेटी, जगदीश गहतोड़ी, बसंत बल्लभ जोशी, राहुल जोशी, शोभा चंद, केशवी पंत, ममता पंत, अनीता कलौनी आदि के हस्ताक्षर हैं।
जीआईसी चल्थी मार्ग पर खनन वाहन चलने से दिक्कत
चंपावत। जिले के जीआईसी चल्थी की ओर जाने वाला मार्ग खनन वाहनों के चलने से क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानाचार्य महेश राणा ने डीएम को पत्र भेज विद्यालय मार्ग से खनन वाहनों की आवाजाही रोकने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि जीआईसी चल्थी राष्ट्रीय राजमार्ग से 300 मीटर की दूरी पर स्थित है। विद्यार्थियों के आने-जाने के लिए कच्चा मार्ग है। इसका उपयोग केवल विद्यालय आने-जाने के लिए किया जाता है लेकिन इस वर्ष जनवरी से नदी से रेत, बजरी भरे कई डंपर इस कच्चे मार्ग से आ-जा रहे हैं। इन वाहनों से रिस रहा रेत का पानी लगातार कच्चे मार्ग पर गिर रहा है।
विद्यालय के प्रवेश द्वार में कीचड़ का ढेर लग गया है। संपूर्ण मार्ग कीचड़ और फिसलन युक्त हो गया है। विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्कूल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई विद्यार्थी कीचड़ भरे मार्ग पर फिसल कर चोटिल हो रहे हैं। मार्ग पर तेज रफ्तार डंपरों की आवाजाही के कारण कभी भी हादसा हो सकता है। उन्होंने पत्र में छात्रों की सुरक्षा के लिए मार्ग से खनन वाहनों की आवाजाही रोकने की मांग की है।