फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्य आंदोलनकारी कोई पेंशन किसी और को...

विज्ञापन
विज्ञापन
चंपावत। राज्य आंदोलन के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों को पेंशन देने के मामले में गड़बड़ी उजागर हुई है। गड़बड़ी ऐसी कि राज्य आंदोलनकारी तो कोई और है, जबकि पेंशन उसी नाम का दूसरा व्यक्ति ले रहा है। अब जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

राज्य निर्माण में योगदान करने वाले कोलीढेक के अुर्जन सिंह पुत्र प्रीतम सिंह को राज्य आंदोलनकारी का दर्जा दिया गया लेकिन उन्हें आंदोलनकारी की पेंशन नहीं मिल सकी। उनके स्थान पर ये पेंशन बंदेलाढेक गांव के अुर्जन सिंह नाम के व्यक्ति को मिल रही है। गलत व्यक्ति के खाते में हर माह 3100 रुपये पेंशन राशि के रूप में डाले जा रहे हैं। आंदोलनकारियों की पेंशन के सत्यापन में ये मामला सामने आया। अब जिला प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद वसूली और कार्रवाई की जाएगी। लोहाघाट के तहसीलदार विजय गोस्वामी को जांच अधिकारी बनाया गया है। संवाद
जिले में हैं 213 राज्य आंदोलनकारी
चंपावत। चंपावत जिले में 213 राज्य आंदोलनकारी चिन्हित हुए हैं। सात दिन या उससे अधिक जेल में रहने वाले 39 लोगों को नौकरी मिली। वहीं नौकरी नहीं करने वाले आठ लोगों को पांच हजार रुपये पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। बकाया 166 आंदोलनकारियों को 3100 रुपये की पेंशन दी जा रही है।
विज्ञापन

राज्य आंदोलनकारी पेंशन के सत्यापन के दौरान पेंशन राशि गलत व्यक्ति द्वारा लिए जाने की जानकारी मिली। जिस अर्जुन सिंह नाम के व्यक्ति की ओर से ये पेंशन ली जा रही है, वह आंदोलनकारी नहीं है। उसके पिता और गांव का नाम भी अलग है। जांच के बाद पेंशन राशि की वसूली और अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

-एससी द्विवेदी,
एडीएम, चंपावत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें