चंपावत। सत्यापन के बावजूद जिले के गुरिल्ला स्वयं सेवकों की समायोजन की मांग अधूरी ही रह गई है। एसएसबी प्रशिक्षित गुरिल्ला विगत 18 वर्षों से समायोजन सहित तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सत्यापन के बाद भी अनदेखी से प्रशिक्षित गुरिल्ला नाराज हैं।
गुरिल्ला प्रशिक्षितों ने लोकसभा चुनावों की आदर्श आचार संहिता पूरी होने के बाद एक बार फिर से आंदोलन का मन बनाया है। गुरिल्ला संगठन के जिलाध्यक्ष ललित बगौली ने बताया कि अभी चुनावों के मद्देनजर आंदोलन रोका गया था। जल्द ही आचार संहिता समाप्त होने के बाद फिर से गुरिल्ला स्वयं सेवकों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। वहीं गुरिल्ला संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी ने बताया कि दो बार सत्यापन के बावजूद अब तक कोई हल नहीं निकाला गया है। बताया कि प्रदेश में 25 हजार में से 19861 गुरिल्ला स्वयं सेवकों का ही सत्यापन हो पाया है, लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिली है। संवाद