प्रदेश के प्रत्येक जिला अस्पताल में नए वित्त वर्ष से बुजुर्गों को इलाज की खास सुविधा मिलेगी। इसके अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के विशेष तवज्जो दी जाएगी। इलाज की ये सुविधाएं नेशनल प्रोग्राम आन हेल्थ केयर ऑफ दि एलडर्स (एनपीएचसीई) के अंतर्गत दी जाएगी। इसके लिए चंपावत जिला अस्पताल में आठ बेड का विशेष वार्ड बनाया जा रहा है।
अब बुजुर्गों को होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए राज्य के सभी 13 जिला अस्पतालों में खास बंदोबस्त होंगे। 2.65 लाख की आबादी वाले चंपावत जिले में ही 60 वर्ष से अधिक उम्र के 25913 लोग इस दायरे में आएंगे। एनपीएचसीई के तहत उच्च रक्तचाप, न्यून रक्तचाप, सांस, साइटिका, कमर दर्द, हृदय रोग सहित वृद्धावस्था में होने वाली कई बीमारियों में सुविधा दी जाएगी।
इसके लिए यहां सघन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) बेड सहित कुल आठ बेड लगाए जाएंगे। आठ बेड का यह विशेष वार्ड न्यूबलाइजर, ग्लोकोमीटर, ईसीजी मशीन, मल्टी चैनल मानिटर, मानिटर, एडजेस्टेबल वॉकर, फिजियोथैरेपी उपकरण सहित एक दर्जन उपकरणों से सुसज्जित रहेगा। इस विशेष वार्ड के लिए डॉक्टर, नर्स, फिजियोथैरेपिस्ट, पैरा मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था की गई है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी का कहना है कि ये उपकरण बुजुर्गों को तुरंत राहत पहुंचाने में मददगार होंगे। साथ ही इस वार्ड के जरिए इलाज सिर्फ वरिष्ठ नागरिकों को ही मिलेगा। चंपावत जिला अस्पताल को इस विशेष वार्ड की व्यवस्था के लिए 13.5 लाख रुपये दिए गए हैं।
बुजुर्गों को अच्छी सुविधा देने के लिए जिला अस्पताल में विशेष वार्ड बनाया जा रहा है। केंद्रीय औषधि भंडार को अस्पताल परिसर के दूसरे हिस्से में शिफ्ट कर इस जगह पर यह वार्ड बनाया जा रहा है। अप्रैल महीने से ये वार्ड संचालित कर लिया जाएगा। -डॉ.आरके जोशी, मुख्य चिकित्साधीक्षक, जिला अस्पताल, चंपावत।