टनकपुर (चंपावत)। ऑलवेदर सड़क बंद होने से स्वाला से टनकपुर तक बेलखेत, अमोड़ी, चल्थी, सिन्याड़ी, सूखीढांग की बाजारों में सन्नाटा पसर गया है। होटल, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय के साथ ही स्थानीय उत्पादों की बिक्री नहीं होने से लोग बेरोजगार हो गए हैं।
एनएच खुला होने पर सूखीढांग के प्रसिद्ध अचार की दुकान के अलावा होटल, पहाड़ी फल की दुकानें, सिन्याड़ी और चल्थी में खाने के होटल गुलजार रहते थे। बेलखेत, अमोड़ी में भी अक्सर वाहन रुकते तो व्यापारियों के चेहरे खिलते, लेकिन पिछले 17 दिनों से ऑलवदेर सड़क बंद होने से हर कोई परेशान है। सूखीढांग के अचार व्यापारी मनोज चौड़ाकोटी ने बताया कि अचार, जूस, फल आदि प्रतिदिन करीब पांच हजार रुपये तक की बिक्री होती थी। अब स्थानीय लोग और फंसे हुए चालक ही इन्हें खरीद रहे हैं। सिन्याड़ी में सबसे अधिक बाजार पर असर नजर आया।
होटल स्वामी ईश्वर चंद ने कहा कि 12 सितंबर से मार्ग बंद होने से उनके यहां ग्राहक नहीं आ रहे हैं, राशन, सब्जी में बैंगन, भिंडी आदि खराब होने से नुकसान हुआ है।
सिन्याड़ी में अनुबंधित ढाबा के कर्मी जीवन कापड़ी और नीरज कुमार ने बताया कि नौ लोग थे, लेकिन अब छह कर्मी ही हैं। होटल बंद है। एक-एक दिन कटना भारी पड़ रहा है।
ट्रक चालक बोले हल्द्वानी वापस नहीं जा पा रहे
टनकपुर। नौ दिन से चल्थी से फंसे पिथौरागढ़ निवासी चालक और स्वामी खष्टी बल्लभ कापड़ी ने बताया कि पिथौरागढ़ सीमेंट ले जा रहे थे, हल्द्वानी से ले जाने पर 200 रुपये प्रति कुंतल भाड़ा और नौ हजार रुपये का तेल लगेगा। इससे उन पर भार पड़ेगा। ट्रक चालक हरीश चंद बोले 18 सितंबर से फंसे हैं। चालक पप्पू राम ने बताया कि रुड़की से नेस्ले कंपनी के उत्पाद से भरे दो ट्रक लेकर पिथौरागढ़ जा रहे थे। पुष्कर ने बताया कि लोहाघाट को माल ले जा रहे हैं। चालक मदन और कैलाश भट्ट बोले वह 22 सितंबर से फंसे हैं। ट्रक चालकों का दिन और रात बस ऑलवेदर खुलने की सूचना के इंतजार में कट रही है।