भारत-नेपाल सीमा पर सरयू नदी पर बने झूला पुल की जर्जर हालत के चलते लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोग खौफ के साये में आवागमन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने पुल की अनदेखी का आरोप लगाते हुए शीघ्र मरम्मत न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्राम प्रधान दीपक सौन, वजीर सिंह, नवीन सुतेड़ी, शेर सिंह, उमेश कुमार आदि का कहना है कि लोक निर्माण विभाग ने कई वर्ष पहले सरयू नदी पर झूला पुल का निर्माण किया था, लेकिन उसकी कोई सुध नहीं ली गई। इसके चलते पुल की हालत काफी खतरनाक बनी हुई है। उनका कहना है कि पुल से तड़ेमियां, रावतगढ़ा, सल्ला, पंथ्यूड़ी आदि के अलावा नेपाल के लोग भी आवागमन करते हैं। पुल पर जगह-जगह गड्ढे बने होने के कारण लोगों के पांव फंसने का खतरा बना है।
ग्रामीणों का कहना था कि पुल पार पंचेश्वर स्थित चौखाम बाबा मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को कई बार जर्जर पुल की मरम्मत की मांग की जा चुकी है, लेकिन विभाग द्वारा कोई सुनवाई न करने से पुल की हालत और खस्ता होती जा रही है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पुल की मरम्मत के लिए जरूरी कार्रवाई की जाएगी।