पानी की कमी तो लोगों के लिए सिरदर्द बनी है, मगर अब पानी की कमी ने रोडवेज बस स्टेशन के पास के एक सुलभ शौचालय में ताला लटका दिया है। इस वजह से यहां यात्रियों और अन्य लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं, शांत बाजार के सुलभ शौचालय में भी पानी का कनेक्शन नहीं होने से परेशानी बढ़ रही है।
करीब आठ साल पहले खेतीखान तिराहे पर मौजूदा रोडवेज बस स्टेशन के पास एक सुलभ शौचालय बनाया गया था। इस शौचालय में आठ टायलेट सीट हैं, लेकिन बीते एक हफ्ते से इस शौचालय में ताला लटक गया है। शौचालय के संचालक का कहना है कि पानी की उपलब्धता नहीं होने से शौचालय को बंद करना पड़ा है।
वहीं, शांत बाजार के पास 2008 में 10 लाख रुपये से बने हाइटैक शौचालय में भी पानी का संकट परेशानी पैदा कर रहा है। शांत बाजार के नजदीक रोज दर्जनों टैक्सियां और रोडवेज बसें खड़ी होती है। यहां 10 टायलेट और मूत्रालय हैं, लेकिन पानी की कमी से इनमें से ज्यादातर की हालत ठीक नहीं है। संचालक अर्जुन का कहना है कि पेयजल का बिल जमा नहीं होने से वर्षों से कनेक्शन कटा है और पानी की व्यवस्था नजदीक के मांडेक्स हैंडपंप से की जा रही है, लेकिन इन दिनों हैंडपंप से कम पानी मिल पा रहा है। इससे परेशानी बढ़ रही है।
बकाया है 21 हजार का पानी का बिल
जल संस्थान के जूनियर इंजीनियर एसएस थापा का कहना है कि शांत बाजार के सार्वजनिक शौचालय पर पानी के बिल का 21 हजार रुपये से अधिक बकाया है। इस रकम को जमा नहीं करने पर मार्च 2010 में कनेक्शन काट दिया गया। कई बार कहने के बाद भी रकम जमा नहीं कराई।
आम लोगों के लिए खोल दिया शौचालय
अस्कोट (पिथौरागढ़)। आखिरकार अस्कोट का सुलभ शौचालय आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। ब्लॉक प्रमुख प्रशांत भंडारी और खंड विकास अधिकारी गंगा सिंह बिष्ट ने शौचालय का उद्घाटन किया। सुलभ शौचालय में लटके ताले का मामला अमर उजाला ने 7 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। शौचालय की देखरेख का जिम्मा फिलहाल देवल के प्रधान त्रिलोक राम को दिया गया है। ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि शौचालय की छत पर सफाई कर्मी के लिए आवास की व्यवस्था की जाएगी। बीएडीपी मद से इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। कहा कि ग्राम पंचायत शौचालय का संचालन नहीं कर पाई तो व्यापार मंडल से संचालन करने का अनुरोध किया जाएगा। व्यापार मंडल टिकेंद्र पाल ने कहा कि व्यापार मंडल सुलभ शौचालय का संचालन करने के लिए तैयार है। इस दौरान प्रधान किशन राम, टिकेंद्र पाल, मनोज लुंठी, पप्पू खोलिया, तनुज पाल, अनूप लुंठी, ग्राम पंचायत अधिकारी नंद लाल, जेई राजू पांडे आदि मौजूद थे।