चंपावत जिला अस्पताल की सी-आर्म एक्सरे मशीन।
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जिला अस्पताल में भले ही सात विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद रिक्त हैं, लेकिन सामान्य रूप से डॉक्टरों की कमी नहीं है। 26 डॉक्टरों में से एक संविदा सहित 16 डॉक्टर तैनात हैं। अलबत्ता पिछले साल जुलाई से रिक्त गायनोकोलोजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) की कुर्सी लोगों को मुश्किल में डालने के साथ ही अस्पताल के लिए चुनौती बनी हुई है। वहीं सी-आर्म एक्सरे मशीन होने के बावजूद टेबल नहीं होने से इस मशीन का उपयोग नहीं हो पा रहा है।
जिला अस्पताल में 2018 से सी-आर्म एक्सरे मशीन है। इस मशीन के जरिये विभिन्न कोणों से टेबल में लेटे या बैठे-बैठे मरीज का एक्सरे होता है। स्क्रीन के जरिये तुरंत ही इस एक्सरे को देख मरीज की दिक्कत का विश्लेषण किया जा सकता है।
रेडियोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप बिष्ट बताते हैं कि सी-आर्म मशीन का लाभ अस्थि रोग संबंधी दिक्कतों के अलावा जनरल सर्जरी में है। इससे मरीज की दिक्कतों को समझने के साथ ही समय की भी बचत होती है, लेकिन टेबल नहीं होने से मशीन का फायदा नहीं मिल पा रहा है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी का कहना है कि सी-आर्म मशीन की टेबिल के लिए जिला चिकित्सा प्रबंधन समिति के कोष से बजट की व्यवस्था कराने की पहल की जाएगी।