राष्ट्रीय राजमार्ग में धौन के समीप खाई में मलबा फेंकने से रोकते संयुक्त टीम के सदस्य।
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बारहमासी सड़क निर्माण के काम में लगी कंपनियां नियमों की अनदेखी करने से बाज नहीं आ रही है। राजस्व, एनएच और वन विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण के दौरान शिवालया कंपनी को मलबा खाई में फेंकते हुए रंगे हाथ पकड़ा। धौन के समीप मलबे को डंपिंग जोन में डालने के बजाय सीधे खाई में फेंका जा रहा था। टीम ने निरीक्षण की रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी है।
तगड़ी सख्ती के बाद भी मलबे को खाई में फेंके जाने का सिलसिला जारी है। एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा ने राजस्व, वन और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीम का गठन कर बारहमासी सड़क निर्माण का मुआयना करने का आदेश दिया था। एसडीएम ने बताया कि निरीक्षण के दौरान धौन के समीप शिवालया कंपनी मलबे को डंपिंग जोन में डाल रही थी। जिस पर टीम ने कंपनी के अधिकारियों को मलबे को डंपिंग जोन में डालने के आदेश दिए। संयुक्त टीम के सदस्यों ने बताया कि अमोड़ी के समीप दो जगह मलबे को डंपिंग जोन के बजाय सड़क के किनारे जमा किया गया था। जिस पर मलबे को डंपिंग जोन में डालने को कहा गया।
एसडीएम ने बताया कि चंपावत तहसील क्षेत्र में मुड़ियानी से चल्थी तक 25 डंपिंग जोन बनाए गए हैं। धौन के समीप मझेड़ा गांव को मलबे से बचाने के लिए चैक डैम और वायरक्रेट का निर्माण कार्य चल रहा था। बताया कि डंपिंग जोन में दीवार और वायरक्रेट का काम प्रगति पर था। जबकि कुछ में काम शुरू नहीं हो सका था। कुछ डंपिंग जोन में बोर्ड नहीं लगाया गया था। संयुक्त टीम में एनएच के कनिष्ठ अभियंता वीरेंद्र कुमार, राजस्व उप निरीक्षक शंकर वर्मा, छत्र सिंह, अमित सिंह सीपाल और फारेस्टर चतुर सिंह शामिल थे। टीम ने निरीक्षण रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी है। उधर एसडीएम का कहना है कि अग्रिम कार्रवाई के लिए रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
एनएच में जाम लगने से यात्री परेशान
चंपावत। बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान जाम लगने का सिलसिला थम नहीं रहा है। जाम लगने से यात्रियों को फजीहत झेलनी पड़ रही है। आधे घंटे से भी अधिक समय तक जाम लगने से लोगों में नाराजगी है। मंगलवार को भी दिन में कई बार जाम लगने की नौबत आई। स्वाला और धौन के बीच जाम लगने से यात्रियों को मुसीबत झेलनी पड़ रही है। इसके अलावा सड़क से उड़ रही धूल भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।