नकपुर ग्राम पंचायत में राखियां बनाती समूह की महिलाएं।
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टनकपुर (चंपावत)। कोरोना संक्रमण से एक ओर जहां रोजगार का संकट हो गया है, वहीं टनकपुर ग्राम पंचायत में छह स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी 60 महिलाओं ने सुंदर राखियां बनाकर कोरोना संकट को अवसर में बदलने की मिसाल पेश की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) योजना के तहत काम कर रही समूहों की महिलाओं ने रक्षाबंधन पर्व की नजदीकी को देेखते हुए राखी के कारोबार को कमाई का जरिया बनाया है। अपने हाथों से तैयार की गई इन राखियों को समूह की महिलाएं बाजार में उतार कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल एंड मेक इट ग्लोबल की अपील को भी मूर्तरूप देंगी।
बीडीओ कमलकिशोर पांडेय, वीडीओ जीवन गिरी गोस्वामी और ग्राम प्रधान मोहनी चंद के मार्गदर्शन मेें टनकपुर ग्राम पंचायत में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 10-10 महिलाओं के छह समूह बनाए गए हैं। ज्योति महिला समूह की अध्यक्ष राखी चंद की पहल और ग्राम विकास विभाग के सहयोग से सभी समूहों की महिलाएं रक्षाबंधन के मद्देनजर सुंदर राखियां बनाने में जुटी हैं। ज्योति समूह की अध्यक्ष राखी ने बताया कि समूह की महिलाओं ने दो दिन में करीब एक हजार सुंदर राखियां बनाई हैं। उनके इस कारोबार से जहां लोगों को सस्ती और स्वदेशी राखियां मिलेंगी, वहीं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही समूहों की महिलाओं का भी हौसला बढ़ेगा।
समूहों को जल्द मिलेगी प्रोत्साहन राशि
स्वरोजगार अपना रहे महिला समूहों को विकासखंड की ओर से हरसंभव मदद दिलाई जा रही है। राखियां बना रहे टनकपुर ग्राम पंचायत के महिला समूहों को फिलहाल दस-दस हजार रुपये प्रोत्साहन राशि और अन्य साधन जुटाने के लिए 15-15 सौ रुपये की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी।
- जीवन गिरी गोस्वामी, वीडीओ, टनकपुर।