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शारदा से अवैध खनन कर हो रहे वारे-न्यारे

Wed, 13 Dec 2017 10:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, टनकपुर (चंपावत)।
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चल्थी में हो रहे खनन की दो दिन पूर्व जांच करते खनन व राजस्व कर्मी। - फोटो : अमर उजाला
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चल्थी क्षेत्र में पकड़ा गया अवैध खनन का मामला तो सिर्फ दो पट्टाधारकों के सीमांकित खनन क्षेत्र और स्टॉकों की जांच का नतीजा है, यदि प्रशासन अन्य पट्टाधारकों के सीमांकित खनन क्षेत्रों और स्टॉकों की गहनता से जांच करे तो अवैध खनन में लिप्त माफिया का कारनामा चौंकाने वाला होगा। कई पट्टाधारकों के सीमांकित क्षेत्र में तो एक फावड़ा तक नहीं चला और वे नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र से अवैध खनन कर अपने रवन्नों से खनिज निकासी कर वारे-न्यारे करने में लगे हैं।

टनकपुर-चंपावत राजमार्ग के बीच चल्थी क्षेत्र में चल रहे खनन की जांच में उजागर हुए अवैध खनन के खेल से खनन माफिया के साथ ही खनन से जुड़े महकमों में भी खलबली मची है। साथ ही चल्थी पुलिस चौकी, वन चौकी एवं चंपावत वन प्रभाग के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हुए हैं। शासन ने चल्थी से लेकर बेलखेत तक चंपावत तहसील क्षेत्र में छह और टनकपुर तहसील क्षेत्र में निजी भूमि पर तीन खनन पट्टे जारी किए हैं। यह पूरा खनन क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग से लगा हुआ है। इन पट्टाधारकों को खनिज सामग्री स्टॉक करने की भी अनुमति है। नियम के अनुसार पट्टाधारकों को निजी भूमि पर बरसात के बाद खनन शुरू करने से पहले हर साल राजस्व, वन विभाग और खनन विभाग से ज्वाइंट सर्वे करा खनन क्षेत्र को सीमांकित कराना होता है, लेकिन चल्थी क्षेत्र में ज्यादातर पट्टाधारकों का सीमांकन तक नहीं हुआ है।
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हैरत की बात तो यह है कि धरातल पर उनके खनन क्षेत्र में एक फावड़ा तक नहीं चला है और वे कागजों में खनिज स्टॉक दर्शाकर अपने रवन्नों पर धड़ल्ले से अवैध खनिज सामग्री बेच रहे हैं। इतना ही नहीं नियमत: पट्टाधारकों को खनिज निकासी के लिए धर्मकांटा लगाना अनिवार्य है, लेकिन पूरे चल्थी क्षेत्र में एक भी धर्मकांटा नहीं है और पट्टाधारकों ने किसी धर्मकांटे से अनुबंध भी नहीं किया है। ऐसे में सवाल उठता है कि बगैर धर्मकांटा लगाए प्रशासन ने खनन और खनिज स्टाक की अनुुमति कैसे दे दी। धर्मकांटा न लगा होने से अवैध खनन के साथ ही कम मात्रा के रवन्ने पर ज्यादा मात्रा में खनिज निकासी कर सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है।
वहीं, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के उप निदेशक और भू-वैज्ञानिक लेखराज का कहना है कि अवैध खनन पर अंकुश लगाने को प्रशासन व खनन विभाग संयुक्त रूप से छापेमारी कर कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि पट्टाधारकों को खनन एवं खनिज स्टॉक के लिए धर्मकांटा लगाना अनिवार्य है। चल्थी क्षेत्र के किसी भी पट्टाधारक ने न तो धर्मकांटा लगाया है और न ही किसी धर्मकांटे से अनुबंध किया है। इतना ही नहीं धर्मकांटे के पास सीसी कैमरा लगाना भी जरूरी है। पट्टाधारकों को पूर्व में ही धर्मकांटा लगाने या किसी धर्मकांटे से अनुबंध करने को नोटिस जारी किए गए हैं।
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अवैध खनन की शिकायत की और मुझे ही बना दिया दोषी : संतोष
अवैध खनन के मामले में आरोपी बनाई गई चल्थी क्षेत्र की महिला पट्टाधारक संतोष वर्मा का कहना है कि उसने अपने निजी खनन क्षेत्र का सीमांकन कराने को पहले ही प्रशासन को पत्र लिखा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं वह अपने खनन क्षेत्र के आसपास नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध खनन होने की भी लिखित शिकायत कर चुकी है, लेकिन प्रशासन ने उसे ही अवैध खनन का आरोपी मानकर कार्रवाई की है।
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