चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ मोटर मार्ग पर यहां से करीब 9 किलोमीटर दूर बनलेख के पास बारहमासी (ऑल वैदर) सड़क विस्तारीकरण की कटिंग और बारिश के चलते मंगलवार को दो घंटे तक छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। बारिश के चलते बनलेख और ताड़केश्वर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग में कीचड़ होने के कारण वाहनों के रपटने के अंदेशे के चलते आवाजाही का मार्ग बदलना पड़ा। करीब दो घंटे तक छोटे और बड़े वाहन बनलेख से ललुवापानी होते हुए चंपावत पहुंचे। इस दौरान वाहनों को छह किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारहमासी मार्ग में चंपावत-बनलेख के बीच जारी कटिंग के बाद मंगलवार को हुई बारिश से मिट्टी सड़क पर फैल गई। इससे सुबह तकरीबन आठ बजे से बनलेख और ताड़केश्वर के बीच राजमार्ग में कीचड़ हो गया। कीचड़ से गुजरने वाले वाहन फिसलने लगे। जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया। इससे सुबह करीब 8 बजे से राष्ट्रीय राजमार्ग में आवागमन बाधित हो गया। निर्माण कार्य करा रही शिवालिक कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान कीचड़ में फंसे कई वाहनों को जेसीबी और पोकलैंड की मदद से बाहर निकाला गया। हालात के मद्देनजर करीब दो घंटे तक वाहनों को बनलेख-ललुवापानी होते हुए 16 किमी दूर चंपावत भेजा गया। जिससे लोगों को छह किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। संकरी सड़क होने से वाहनों की आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मगर इस रूट परिवर्तित होने की जानकारी न तो राष्ट्रीय राजमार्ग खंड को थी और नहीं कोतवाली पुलिस को।
इधर निर्माण करा रही शिवालिक कंपनी के परियोजना प्रबंधक आरएस यादव ने बताया कि बारिश होने से बनलेख और चंपावत के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग में कीचड़ में वाहन फिसलने लगे। कीचड़ में फंसे कई वाहनों को मशीनों के जरिए निकाला गया। खतरे को देखते हुए वाहनों के रुट में बदलाव किया गया। बाद में सूखी मिट्टी डालकर मार्ग को आवाजाही लायक बनाया गया।