बनबसा (चंपावत)। ‘चंपावत के साथ ही उत्तराखंड का समग्र विकास देखना मेरा मकसद है। उत्तराखंड के लोग सीधे-सादे और पवित्र हैं, जिनकी मैं सेवा करना चाहता हूं। चंपावत में विकास की अनेक संभावनाएं हैं, जिनपर कार्य किया जाना चाहिए। चंपावत को पर्यटन, तीर्थाटन और हर्बल जिले के रूप में विकसित करने को कार्य किया जाना चाहिए’। यह कहना है है राज्यपाल गुरमीत सिंह का।
एनएचपीसी विश्रामगृह में पत्रकार वार्ता करते हुए राज्यपाल ने कहा कि चंपावत से उनका 22 वर्ष पुराना नाता है। वे वर्ष 1996 से 1999 तक बनबसा कैंट में सेनाधिकारी (सीओ) थे। बनबसा और चंपावत से वे खासे प्रभावित रहे हैं। सीधे, सरल और पवित्र लोगों के बीच काम करने का उन्हें अवसर मिला था। कहा कि यहां के पूर्व सैनिकों के अनुभवों का जिले के विकास में सहयोग लिया जाना चाहिए। उन्होंने पूर्व सैनिकों से भी क्षेत्र के विकास में योगदान देने की अपील की है।
राज्यपाल ने कहा कि चंपावत जिले में विकास की संभावनाओं को तलाशने के लिए वह अधिकारियों के संपर्क में हैं। राज्यपाल के नाते उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे राज्य में विकास पर कार्य करें। नेपाल से जुड़ा होने से यहां का विकास होना आवश्यक भी है। उन्होंने चंपावत जिले में 79 प्रतिशत कोविड टीकाकरण पर संतोष जताया।
पुराने आवास का किया भ्रमण
बनबसा (चंपावत)। राज्यपाल सेवानिवृत्त ले. जनरल गुरमीत सिंह मंगलवार को बनबसा पहुंचे। उन्होंने सेना छावनी का भ्रमण कर अपनी पुरानी यादें टटोली। वर्ष 1996 से 1999 तक वे यहां सेना छावनी में सीओ रहे हैं । उन्होंने अपना पुराना आवास एवं सेना छावनी का भ्रमण किया। छावनी स्थित शिव मंदिर के दर्शन किए। पुराने दिनों की याद साझा करते हुए कहा कि जब वह सैन्य अधिकारी थे तो अक्सर उनसे पूर्व सैनिक मिलने आते थे। तब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पिता भी उनसे मिलने आए थे। कुछ दिन पूर्व किसी ने उन्हें तब की फोटो भी भेजी है। उन्होंने बनबसा व्यापारमंडल अध्यक्ष परमजीत सिंह गांधी से मित्रता का जिक्र भी किया। बाद में वे एनएचपीसी अतिथिगृह पहुंचे जहां अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। पुलिस ने उन्हें गार्ड आफ आनर दिया।
सीमा सुरक्षा की जानकारी ली
बनबसा (चंपावत)। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने एनएचपीसी अतिथिगृह में चंपावत जिले समेत के अलावा एसएसबी के अधिकारियों से परिचय लेने के बाद विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। भारत नेपाल सीमा सुरक्षा के संबंध में एसएसबी अधिकारियों से मालूमात की। जिले के अधिकारियों से उन्होंने विकास से संबंधित संभावनाओं के बारे पूछताछ की। उन्होंने आपदा से निपटने को हमेशा तैयार रहने एवं सीमांत जिला होने से अवैध घुसपैठ एवं नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए कहा।
ये लोग रहे मौजूद
वहां डीएम विनीत तोमर, एसपी देवेंद्र पींचा, प्रभागीय वनाधिकारी तराई ईस्ट संदीप कुमार, एडीएम शिवचरण द्विवेदी, एसडीएम हिमांशु कफल्टिया, एसएसबी 57 वीं वाहनी के डिप्टी कमांडेंट सुविंदर अंबावत, एनएचपीसी के जीएम राजीव सचदेवा, डा. केके अग्रवाल, डीडीओ संतोष कुमार आदि थे।
राज्यपाल ने एनएचपीसी परिसर में पौधा रोपा
बनबसा (चंपावत)। राज्यपाल के एनएचपीसी अतिथिगृह पहुंचने पर टनकपुर पावर स्टेशन के महाप्रबंधक राजीव सचदेवा ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर स्मृति चिन्ह भेंट किया। राज्यपाल ने एनएचपीसी के महाप्रबंधक से बिजली उत्पादन के संबंध में जानकारी ली। यहां से वापस लौटते समय राज्यपाल ने अतिथिगृह परिसर में पौधा भी रोपा। इस मौके पर प्रशासन के अलावा एनएचपीसी के अधिकारी आदि मौजूद रहे।
पूर्व सैनिकों ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
बनबसा (चंपावत)। पूर्व सैनिकों ने राज्यपाल गुरमीत सिंह को ज्ञापन सौंपकर नेपाल के भारतीय पूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं को पेंशन सुविधा लेने में हो रहे परेशानियों को हल करने, ईसीएचएस पैनल अस्पतालों में पूर्व सैनिकों को होने वाली परेशानियों को दूर करने की मांग की। इसके अलावा उपचार को बरेली आने जाने में तीन सौ किलोमीटर का सफर कम करने को खटीमा के अस्पतालों में से एक अस्पताल को पैनल में शामिल करने की मांग की गई है। वहां समिति संरक्षक कर्नल बीडी जोशी, अध्यक्ष कै. भानी चंद, कै. राजेंद्र सिंह अधिकारी, कै. गोविंद बल्लभ भट्ट, सू. बुद्दीबल्लभ पांडे, ह. पुष्कर दत्त कापड़ी आदि थे।