निर्माण कार्यों की धीमी गति पर कमिश्नर एएस नयाल ने अफसरों की क्लास ली। मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में उन्होंने डॉक्टरों के आवास निर्माण के लिए रिवाइज्ड इस्टीमेट तीन दिन में शासन को भेजने की हिदायत दी। वक्त पर काम नहीं करने वाली एजेंसियों को ब्लैकलिस्टेड करने के निर्देश दिए। 2005 से पहले की योजनाओं के तहत संचालित कार्यों को अब तक पूरा नहीं करने की जांच पंतनगर यूनिट से कराने के आदेश दिए।
मंडलायुक्त ने आईटीआई भवनों, नवोदय विद्यालय भवन, स्टेडियम निर्माण, मां पूर्णागिरि तहसील आवास आदि निर्माण कार्यों में हो रही देरी और कई बार संशोधित इस्टीमेट शासन को भेजने के चलते उत्तरप्रदेश निर्माण निगम को फटकार लगाई। लोहाघाट पॉलीटेक्निक में छात्रावास, कोषागार आवास और पाटी तहसील आवास निर्माण में तेजी लाने, पुलिस आवास, टनकपुर आवासीय भवनों को पूरा करने के लिए शेष राशि की डिमांड शासन को भेजने की हिदायत दी। लोनिवि, एडीबी और पीएमजीएसवाई के निर्माणाधीन मोटर मार्गों की गति बढ़ाने, चार वाटरशेड के निर्माण कार्यों की प्रगति एवं अब तक खर्च हुई रकम का ब्यौरा पेश करने के निर्देश दिए। सीएम द्वारा संचालित मेरा पेड़, मेरा धन योजना के तहत पौधरोपण की रकम किसानों को बांटने और जरूरत पड़ने पर शासन से मांग करने को कहा।
बैठक में डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी, सीडीओ श्याम सुंदर पांगती, डीएफओ एके गुप्ता, एसडीएम नरेश दुर्गापाल, जेएस राठोर, डीडीओ वीके उपाध्याय, उपनिदेशक अर्थ एवं संख्या राजेंद्र तिवारी, डीएसटीओ एलएम जोशी, सीएमओ विनोद टोलिया, सीवीओ पीएस भंडारी, डीएचओ एचसी तिवारी आदि मौजूद थे।
मुआवजे को गठित होगी समिति
चंपावत मुख्यालय में रिंग रोड निर्माण में मुआवजे संबंधित विवाद को जल्द सुलझाने को कहा गया। जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में भूमि से जुड़े विवादों के निस्तारण के साथ जल्द से जल्द मुआवजा बांटने को कहा गया।
स्थापना दिवस पर किया पौधरोपण
चंपावत जिले ने मंगलवार को 18 साल पूरे कर लिए हैं। जिले की स्थापना दिवस पर मंडलायुक्त एएस नयाल ने कलक्ट्रेट परिसर पर एरोकेरिया प्रजाति का पौधा रोपा।
एक अफसर ऐसा, जिसे बैठक से कोई मतलब नहीं
मंडलायुक्त की बैठक में एक अफसर ऐसा भी था, जिसे बैठक से कोई मतलब नहीं था। यहां तक कि यह अफसर अपने मोबाइल पर कैंडी क्रश भी खेलता रहा। इस अफसर के खिलाफ पूर्व में भी एक मसले पर कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन ऊंचे रसूख वाला यह अधिकारी अब भी इन सबसे बेपरवाह है। अलबत्ता डीएम ने मामले की जांच कराने की बात कही है।