आठ दिसंबर को हाईकोर्ट के आदेश पर नगर के भीड़भाड़ वाले स्टेशन बाजार में हटाए गए अतिक्रमणों से 17 व्यापारियों के सामने पैदा हुई रोजी रोटी की समस्या को देखते हुए सरकार उन पर मेहरबान हो रही है। विधायक हेमेश खर्कवाल ने मुख्यमंत्री हरीश रावत का इस ओर ध्यान आकर्षित किए जाने पर व्यापारियों के विस्थापन के लिए जिला प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है।
लोहाघाट में विधायक की अध्यक्षता एवं प्रभारी जिलाधिकारी जेएस राठौर की मौजूदगी में हुई बैठक में तय किया गया कि जिस स्थान से लोगों को हटाया गया है, उसके पीछे अतिक्रमण की परिधि से बाहर सरकारी जमीन है। उसमें प्रभावित लोग स्वयं अपनी दुकानें बनाएंगे, जिसमें खर्च होने वाली राशि पगड़ी मानी जाएगी। इन दुकानों का स्वामित्व नगर पंचायत का होगा तथा पीड़ित लोग नगर पंचायत को निर्धारित किराया अदा करने का बकायदा अनुबंध करेंगे।
प्रभारी जिलाधिकारी ने इस कार्य के लिए तहसीलदार एके सिंह, ईओ अभिनव कुमार, लोहाघाट के तहसीलदार बीएस रौतेला एवं अन्य राजस्व कर्मियों को इस कार्य में लगा दिया है। प्रभावितों की ओर से मौजूद नारायण राम, जाकिर हुसैन, दिनेश ढेक, जौहर हुसैन, गोविंद खर्कवाल, मोहन खर्कवाल, बेनी प्रसाद, गोविंद भारती, उमेश चंद्र, महेश खर्कवाल, मनोज जोशी आदि ने सहमति जताई। बैठक में दिनेश खर्कवाल, पूरन कठायत, भुवन चौबे, मनीष जुकरिया, शैलेंद्र राय आदि मौजूद थे।