सरकारी सस्ता गल्ले का राशन अब सरकारी कर्मचारी को नहीं मिलेगा। वहीं, गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) वाले राशनकार्ड धारकों को भी कोटे के अनाज के लिए शर्तें पूरी करनी होगी। इन सब पेंचीदगियों के चलते दिसंबर का राशन 19 दिन बीतने के बावजूद अभी बंटना शुरू नहीं हो सका है।
पूर्ति निरीक्षक प्रकाश सिंह फर्त्याल ने बताया कि अब किसी भी स्तर के सरकारी कर्मचारी को सरकारी सस्ता गल्ले की दुकान से राशन नहीं मिल सकेगा। ये व्यवस्था तत्काल लागू हो गई है। इस नियम के लागू होने से करीब 3900 अधिकारी-कर्मचारी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से बाहर हो गए हैं।
वहीं, 1.5 लाख से पांच लाख रुपये के बीच सालाना आमदनी वाले एपीएल कार्डधारकों को भी राशन देने से पहले शर्त रखी गई है। अब इन तमाम कार्डधारकों को मतदाता पहचान पत्र अथवा आधार कार्ड की प्रति जमा करानी होगी। पूर्ति विभाग का कहना है कि इस प्रति के आधार पर ही कोटेदार को राशन का कोटा दिया जाएगा।
इस साल सितंबर तक जिले में 63460 राशनकार्ड धारक थे। इनमें 33595 कार्ड राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल थे, जबकि राज्य खाद्य सुरक्षा में 22100 कार्ड स्वीकृत है। जिले में 7765 राशनकार्ड धारकों को सस्ता गल्ला की सुविधा से बाहर किया जाएगा। इसी क्रम में सरकारी कार्मिकों को सबसे पहले बाहर किया जा रहा है।